Laser Hair Removal Burns: बेंगलुरु में एक महिला के लिए खूबसूरत दिखने की चाहत उस वक्त एक बुरे सपने में बदल गई, जब एक ब्यूटी क्लिनिक की लापरवाही के कारण उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए क्लिनिक को सेवा में कमी का दोषी पाया है और महिला को 1 लाख 11 हजार 100 रुपये से ज्यादा का हर्जाना देने का आदेश सुनाया है। हैरान करने वाली बात यह रही कि ट्रीटमेंट के दौरान जब महिला दर्द से कराह रही थी और उसे तेज जलन महसूस हो रही थी, तब भी क्लिनिक के स्टाफ ने प्रक्रिया को रोकने के बजाय उसे जारी रखा। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि महिला की ठुड्डी और होठों के ऊपरी हिस्से पर सेकंड डिग्री बर्न्स यानी गहरे घाव हो गए और उसकी त्वचा का रंग हमेशा के लिए गहरा पड़ गया।
क्या हुआ था उस दर्दनाक ट्रीटमेंट के दौरान?
यह पूरा मामला 22 अप्रैल का है जब महिला बेंगलुरु के एक मशहूर ब्यूटी क्लिनिक में अपने चेहरे के अनचाहे बाल हटवाने के लिए पहुंची थी। महिला ने आयोग को बताया कि ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले क्लिनिक ने न तो उसकी स्किन की कोई जांच की और न ही कोई सेंसेटिविटी पैच टेस्ट किया, जो कि लेजर प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है। जैसे ही लेजर मशीन का इस्तेमाल शुरू हुआ, महिला को असहनीय जलन होने लगी। उसने बार-बार स्टाफ को अपनी तकलीफ बताई, लेकिन क्लिनिक वालों ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया। इस ट्रीटमेंट के खत्म होते ही महिला के चेहरे पर भारी सूजन आ गई और देखते ही देखते वहां दर्दनाक घाव बन गए। अपनी खूबसूरती वापस पाने के लिए महिला को डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़े और मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी।
अदालत में क्लिनिक की दलीलों का क्या हुआ?
जब मामला उपभोक्ता आयोग के पास पहुंचा, तो महिला ने क्लिनिक से अपनी फीस के 1,100 रुपये वापस मांगे और शारीरिक क्षति व मानसिक परेशानी के लिए 3 लाख रुपये के मुआवजे की मांग रखी। हालांकि क्लिनिक ने अपनी किसी भी गलती या अनुचित व्यापार व्यवहार से साफ इनकार कर दिया था। लेकिन महिला द्वारा पेश किए गए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन और घावों की तस्वीरों ने क्लिनिक के दावों की पोल खोल दी। आयोग ने पाया कि क्लिनिक ने पेशेवर सावधानी नहीं बरती, जिसके कारण ग्राहक को भारी नुकसान हुआ। आयोग ने आदेश दिया कि क्लिनिक महिला की फीस 9 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटाए और साथ ही 1 लाख रुपये का मुआवजा और 10,000 रुपये कानूनी खर्च के रूप में अदा करे।
कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वालों के लिए बड़ा सबक
इस घटना ने कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट कराने वाले लोगों के लिए एक बड़ा सबक पेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लेजर हेयर रिमूवल जैसी प्रक्रियाओं में हर व्यक्ति की त्वचा अलग तरह से रिएक्ट करती है, इसलिए पैच टेस्ट बेहद जरूरी है। उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया कि सेवा देने वाले संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे ग्राहक की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। अगर किसी भी उपचार के दौरान असामान्य दर्द या जलन महसूस हो, तो उसे तुरंत रुकवा देना चाहिए। महिला को अब इस आदेश के बाद 45 दिनों के भीतर क्लिनिक से हर्जाने की पूरी राशि मिलनी तय हुई है, जो लापरवाही बरतने वाले ब्यूटी सेंटर्स के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
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