Ramayana BTS Details: 1 करोड़ का सोने का सिंहासन और 7 किलो के गहने, ऐसे तैयार हुई नितेश तिवारी की रामायण

Ramayana BTS Details: नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में रावण के 1 करोड़ के सोने के सिंहासन और 7 किलो वजनी गहनों के निर्माण की पूरी कहानी जानिए।

Rupali kumawat
Written by:
Rupali kumawat - Sub Editor
3 Min Read

Ramayana BTS Details: लंकापति रावण के रुतबे को पर्दे पर जीवंत करने के लिए मेकर्स ने पानी की तरह पैसा बहाया है और इसका सबसे बड़ा सबूत है वह भव्य सिंहासन जिस पर बैठकर दशानन हुंकार भरता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि केवल एक सिंहासन को तैयार करने में पूरी टीम को 4 महीने का लंबा वक्त लगा और इसकी लागत करीब 1 करोड़ रुपये आई है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस महाकाव्य फिल्म में असलियत का पुट देने के लिए किसी वीएफएक्स का सहारा नहीं लिया गया, बल्कि कारीगरों ने पहले मिट्टी से मॉडल बनाया और फिर फाइबर के ढांचे पर 24-कैरेट सोने की परत यानी गोल्ड लीफिंग चढ़ाकर इसे शाही चमक दी। नमित मल्होत्रा के 4,000 करोड़ रुपये के विशाल बजट वाली इस फिल्म के विजुअल्स आज हर तरफ चर्चा का विषय बने हुए हैं।

- Advertisement -

क्या सच में रावण ने पहने थे 7 किलो के गहने?

फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे यश के लुक को प्रभावशाली बनाने के लिए गहनों पर भी कड़ी मेहनत की गई है। हाउस ऑफ आम्रपाली के क्रिएटिव हेड तरंग अरोड़ा ने साझा किया कि रावण के लिए कुल 13 अलग-अलग लुक्स डिजाइन किए गए थे और हर लुक में लगभग 8 से 10 जेवर शामिल थे। इस हिसाब से पूरी फिल्म के लिए 130 के करीब आभूषणों के पीस तैयार किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि रावण के हर एक लुक के गहनों का कुल वजन लगभग 6 से 7 किलोग्राम के बीच था। चूंकि रावण भगवान शिव का परम भक्त था, इसलिए उसके गहनों में सांपों के मोटिफ का खास इस्तेमाल किया गया है। इन आभूषणों को पीतल और गोल्ड प्लेटिंग के साथ नीले, काले और हरे जैसे डार्क मैटेलिक रंगों से सजाया गया ताकि रावण का व्यक्तित्व और भी गहरा और शक्तिशाली नजर आए।

कैसे तैयार हुए मुंबई में 150 से ज्यादा सेट्स?

फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने इस भव्यता के पीछे छिपे संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि अप्रैल 2024 से मुंबई की फिल्म सिटी में सेट्स का निर्माण शुरू हुआ था। पूरी फिल्म के लिए 150 से भी ज्यादा भव्य सेट्स तैयार किए गए थे। रावण के सीने का कवच यानी चेस्ट प्लेट बनाना सबसे मुश्किल काम था क्योंकि इसे पूरी तरह हाथों से गढ़ा गया था। शूटिंग के दौरान अभिनेता को असुविधा न हो, इसके लिए कवच के नीचे मुलायम अस्तर लगाया गया था ताकि 6-6 घंटे की शिफ्ट में उन्हें कोई परेशानी न हो। पर्दे पर दिखने वाले हर एक दृश्य को फाइनल करने से पहले टीम ने कम से कम 10 से 15 अलग-अलग डिजाइन तैयार किए थे, तब कहीं जाकर ‘रामायण’ की यह जादुई दुनिया सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने आ सकी है।

- Advertisement -

Want a Website like this?

Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert

Contact Me
Share This Article
Avatar photo
Sub Editor
Follow:
रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *