Ramayana Movie Reviews:
सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही भगवान राम की भूमिका में नजर आने वाले रणबीर कपूर ने उन लोगों को आईना दिखाया है जो फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर नकारात्मकता फैला रहे हैं। लॉस एंजिल्स के एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में हुए वर्ल्ड प्रीमियर के बाद जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं, तो रणबीर ने बहुत ही शांत अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि आजकल ऑनलाइन ट्रोलिंग का एक अलग ही चलन चल पड़ा है, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। रणबीर ने अपनी साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के उस मशहूर दर्शन को दोहराया जिसमें उनके पिता सुनील दत्त ने उन्हें सिखाया था कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। एक्टर का मानना है कि जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए यह सोच सबसे जरूरी है कि आप दूसरों की बातों से परेशान न हों, बल्कि उन लोगों की कद्र करें जो आपकी मेहनत और नीयत को पहचानते हैं।
क्या विदेशी समीक्षकों को पसंद आई नितेश तिवारी की रामायण?
फिल्म की रिलीज से पहले ही ग्लोबल लेवल पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। इंडीवायर जैसे बड़े विदेशी आउटलेट्स ने जहां फिल्म के विशाल स्केल, युद्ध के दृश्यों और हंस जिमर के साथ एआर रहमान के जादुई संगीत की खूब तारीफ की है, वहीं आईजीएन ने किरदारों के बीच इमोशनल जुड़ाव की कमी की बात कही है। आईजीएन की समीक्षा में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे रवि दुबे की कॉमिक टाइमिंग को मार्वल फिल्मों जैसा बताने पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि स्क्रीन रेंट ने रणबीर कपूर और माता सीता बनीं साई पल्लवी की एक्टिंग को सराहा है, लेकिन उनका मानना है कि किरदारों की गहराई पर और काम हो सकता था। इन सबके बीच रावण की भूमिका में यश के दिमागी द्वंद्व और उनके स्क्रीन प्रेजेंस की हर तरफ चर्चा हो रही है।
ट्रोलिंग और मीम्स पर क्यों हंस रहे हैं निर्माता नमित मल्होत्रा?
फिल्म के भव्य टीजर के बाद से ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई थी, जिस पर निर्माता नमित मल्होत्रा ने बेहद परिपक्व बयान दिया है। प्राइम फोकस के जरिए इस बड़े प्रोजेक्ट को साकार कर रहे नमित का कहना है कि अब वे इन मीम्स का बुरा नहीं मानते बल्कि उन पर हंसना सीख चुके हैं। उन्होंने रामायण के ही एक प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर भगवान राम खुशी से ताज पहन सकते हैं, तो वे उतनी ही सहजता से वनवास भी स्वीकार करते हैं। उनके अनुसार यह सब मनोरंजन का हिस्सा है और आज वे निशाने पर हैं तो कल कोई और होगा। निर्देशक नितेश तिवारी ने भी इस पर अपनी मुहर लगाते हुए कहा कि अगर आपकी नीयत साफ है और आपने अपना शत प्रतिशत दिया है, तो किसी भी आलोचना से डरने की जरूरत नहीं है।
सितारों से सजी इस महागाथा में कौन बना है क्या?
5 नवंबर को पूरी दुनिया में रिलीज होने जा रही इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के दिग्गजों की फौज खड़ी की गई है। रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के रूप में मुख्य आकर्षण हैं, तो वहीं यश ने रावण के किरदार से फिल्म में जान फूंकी है। अरुण गोविल राजा दशरथ की भूमिका में एक बार फिर दर्शकों को भावुक करेंगे, जबकि लारा दत्ता कैकेयी और शीबा चड्ढा मंथरा के रूप में नजर आएंगी। फिल्म में कुणाल कपूर देवराज इंद्र, रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा और विवेक ओबेरॉय विद्युतजिव्ह के रोल में दिखेंगे। जटायु के महत्वपूर्ण किरदार के लिए अनुपम खेर को चुना गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी स्टारकास्ट और भारी-भरकम बजट वाली यह फिल्म दर्शकों की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है।
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