Ranbir Kapoor Ramayan Body Transformation: भगवान श्रीराम के किरदार में खुद को ढालने के लिए रणबीर कपूर ने अपनी काया पूरी तरह बदल ली है और उनके लेटेस्ट लुक ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। रणबीर के कोरियन फिटनेस कोच नम ने हाल ही में एक मिरर सेल्फी साझा की है जिसमें अभिनेता के फौलादी बाइसेप्स और शानदार फिजीक साफ नजर आ रही है। नम ने इस बदलाव को फिल्म की तैयारी का एक बड़ा हिस्सा बताया है और यह भी दावा किया है कि उन्होंने फिल्म के कुछ हिस्से देख लिए हैं, जिसे देखकर दर्शक दंग रह जाएंगे। रणबीर ने इस फिल्म के लिए अपनी दिनचर्या में आम बॉडी बिल्डिंग से हटकर मोबिलिटी और स्ट्रेंथ पर फोकस किया है।
कैसे तैयार हुई रणबीर की फौलादी बाजू?
मजबूत और कटदार बाजू पाने के लिए रणबीर ने बाइसेप्स और ट्राइसेप्स के बीच एक सटीक संतुलन बनाया है। उनके रूटीन में डंबेल बाइसेप्स कर्ल्स जैसी क्लासिक एक्सरसाइज शामिल रही है जो बाइसेप्स के विकास के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है। इसके साथ ही हैमर कर्ल्स के जरिए उन्होंने अपनी फोरआर्म्स की मांसपेशियों को चौड़ा किया है। ट्रेनर नम के अनुसार रणबीर ने प्रीचर कर्ल्स का भी जमकर अभ्यास किया ताकि बाइसेप्स पूरी तरह से आइसोलेट हो सकें। इन एक्सरसाइज को करते समय शरीर के मोमेंटम के बजाय मांसपेशियों के खिंचाव पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, जिससे उन्हें वह खास मस्कुलर लुक मिला है जो फिल्म की जरूरत थी।
क्या था रामायण के सेट पर फिटनेस का सीक्रेट?
रणबीर कपूर की इस मेहनत के पीछे सिर्फ वजन उठाना नहीं बल्कि घंटों का अनुशासन छिपा है। अभिनेता हर दिन करीब तीन घंटे पसीना बहाते थे जिसमें सुबह का वक्त स्ट्रेचिंग, मोबिलिटी और कार्डियो के लिए सुरक्षित था। शाम के सत्र में वे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पुल अप्स और हैंडस्टैंड जैसी कठिन बॉडीवेट एक्सरसाइज करते थे। ट्राइसेप्स को टोन करने के लिए उन्होंने रोप पुशडाउंस और ओवरहेड एक्सटेंशन का सहारा लिया, क्योंकि हाथ की बनावट में 60 प्रतिशत हिस्सा ट्राइसेप्स का ही होता है। रणबीर ने क्लोज ग्रिप पुश अप्स के जरिए अपनी छाती और कंधों को भी मजबूती दी है ताकि उनका लुक एक योद्धा जैसा नजर आए।
मजबूत शरीर के लिए एक्सरसाइज के साथ क्या है जरूरी?
सिर्फ जिम में पसीना बहाना ही काफी नहीं था, रणबीर ने अपने खानपान और रिकवरी पर भी पूरा ध्यान दिया है। मांसपेशियों को रिपेयर करने के लिए उन्होंने अपनी डाइट में अंडे, चिकन, मछली और दालों जैसे हाई प्रोटीन स्रोतों को शामिल किया। ट्रेनर का कहना है कि मस्कुलर बॉडी के लिए प्रोग्रेसिव ओवरलोड यानी धीरे-धीरे वजन बढ़ाना जरूरी है लेकिन तकनीक से समझौता किए बिना। रणबीर ने हफ्ते में सिर्फ दो बार आर्म्स वर्कआउट किया ताकि मांसपेशियों को आराम मिल सके। यह पूरा सफर दिखाता है कि सही तकनीक, निरंतरता और संतुलित पोषण के दम पर ही ऐसा प्रभावशाली शारीरिक रूपांतरण संभव हो पाया है।
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