Rise and Fall 2: टीवी डिबेट्स में अपनी धारदार बातों से विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले शहजाद पूनावाला ने अब मनोरंजन की दुनिया में भी अपना परचम लहरा दिया है। प्राइम वीडियो के सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो में शहजाद ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए फिनाले का पहला टिकट अपने नाम कर लिया है। उन्होंने खेल के सबसे मजबूत खिलाड़ी माने जा रहे अभिनेता करण पटेल को सीधे मुकाबले में पछाड़कर यह कामयाबी हासिल की है। पेंटहाउस में मचे भारी घमासान और कूटनीति के बीच शहजाद की इस जीत ने न केवल उनके फैंस को चौंका दिया है, बल्कि शो के समीकरण भी पूरी तरह बदल दिए हैं। अब वह इस सीजन के पहले अधिकारिक फाइनलिस्ट बन चुके हैं, जिससे ट्रॉफी की रेस और भी रोमांचक हो गई है।
कैसे राजनीति के महारथी ने बदला खेल का रुख?
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर का नाता रखने के बावजूद शहजाद पूनावाला ने इस घर में अपनी दिमागी ताकत का लोहा मनवाया है। उन्होंने शारीरिक बल के बजाय अपनी बातचीत की कला और पैनी रणनीतियों को अपना हथियार बनाया। शो के दौरान वह दो बार ‘अल्टीमेट रूलर’ की कुर्सी पर बैठने में कामयाब रहे और एक बार तो उन्होंने ऐसा तख्तापलट किया कि बाकी कंटेस्टेंट्स देखते ही रह गए। टावर की राजनीति और आपसी गठबंधनों के बीच शहजाद ने जिस तरह से अपनी जगह बनाई, उसी का नतीजा है कि आज वह फिनाले की रेस में सबसे आगे खड़े हैं। उनकी टीम का मानना है कि शहजाद के बेबाक अंदाज और कूटनीतिक सोच ने शो की टीआरपी को आसमान पर पहुंचा दिया है।
कौन-कौन हुआ फिनाले की इस रेस से बाहर?
फिनाले के करीब पहुंचते ही इस रियलिटी शो में हार-जीत का खेल और भी कड़ा हो गया है। टिकट टू फिनाले की इस जंग में कई बड़े नाम धराशायी हो गए। स्वरा भास्कर, गौतम गुलाटी, सोनम मलिक और मनीष कश्यप जैसे दिग्गज प्रतियोगी पहले ही इस रेस से बाहर का रास्ता देख चुके थे। अंत में मुकाबला करण पटेल और शहजाद के बीच आकर टिक गया था, जहां शहजाद ने बाजी मार ली। अब घर के अंदर बचे हुए प्रतियोगियों के लिए चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि पहला फाइनलिस्ट तय होने के बाद खेल की गति तेज हो गई है। दर्शकों के बीच अब इस बात को लेकर उत्सुकता चरम पर है कि क्या शहजाद अपनी इसी रणनीति के दम पर विजेता की ट्रॉफी भी उठा पाएंगे या नहीं।
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