Sutapa Sikdar on Nana Patekar: मैं, इरफान और आप बैठकर पिएंगे चाय, नाना पाटेकर की विदाई पर भावुक हुईं सुतापा सिकदर

Sutapa Sikdar on Nana Patekar: सुतापा सिकदर ने नाना पाटेकर के निधन पर एक भावुक नोट लिखा है जिसमें उन्होंने इरफान खान और नाना के साथ परलोक में चाय पीने की इच्छा जताई है।

Rupali kumawat
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Rupali kumawat - Sub Editor
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Sutapa Sikdar on Nana Patekar: किसी ने सोचा नहीं था कि खामोशी फिल्म के सेट पर शुरू हुआ दोस्ती का यह सिलसिला एक दिन परलोक की बातों तक पहुंच जाएगा। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के चले जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री गमगीन है, लेकिन दिवंगत अभिनेता इरफान खान की पत्नी सुतापा सिकदर ने उन्हें जिस अंदाज में याद किया है, उसने सबकी आंखें नम कर दी हैं। सुतापा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद मार्मिक संदेश लिखा है जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई है कि एक दिन वह, नाना और इरफान तीनों मिलकर बैठेंगे और दुनिया की तमाम गलत बातों को कोसते हुए सुकून से चाय पिएंगे। उन्होंने नाना के लिए दुआ की है कि उनका अगला स्टेशन बेहद शांति और सुकून भरा हो।

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क्या था खामोशी फिल्म का वो अनसुना किस्सा?

सुतापा सिकदर ने अपने इंस्टाग्राम पर साल 1996 में आई संजय लीला भंसाली की मशहूर फिल्म खामोशी द म्यूजिकल की एक तस्वीर साझा की है। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया था जो बोल और सुन नहीं सकता था। सुतापा इस फिल्म की डायलॉग राइटर थीं और उन्होंने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे नाना अपने गुस्से के लिए मशहूर थे, लेकिन उनके प्रति हमेशा दयालु रहे। सुतापा ने लिखा कि वह आज भी हैरान होती हैं कि आखिर नाना को उनमें ऐसी क्या खूबी दिखी जो वह उनके साथ इतने उदार थे। शहर की भागदौड़ से नफरत करने वाले नाना पाटेकर गांव में बस गए थे और सुतापा भी इसी राह पर चलने की कोशिश कर रही हैं।

कैसा रहा दिग्गज अभिनेता का अंतिम सफर?

8 अक्टूबर को गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक इमरजेंसी की वजह से दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके पार्थिव शरीर को पुणे के पास डोंजे गांव में उनके फार्महाउस पर लाया गया, जहां उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद घड़ी में फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां और राजनेता उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा को खामोशी जैसी क्लासिक फिल्में दी हैं, जिसमें सलमान खान, मनीषा कोइराला और सीमा बिस्वास जैसे सितारों ने भी काम किया था। फिल्म में नाना और सीमा बिस्वास ने एनी के माता-पिता जोसेफ और फ्लेवी की भूमिका को जीवंत कर दिया था, जिसे आज भी एक मिसाल माना जाता है।

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रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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