Dhanteras Celebration: इस वर्ष दीपावली का महापर्व छह दिनों तक चलेगा क्योंकि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी दो दिन पड़ रही है। धनतेरस के मौके पर खरीदारी 18 और 19 अक्तूबर दोनों दिन की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र का कहना है कि इस दिन संध्याकाल में पूजन का विशेष महत्व होता है। 18 अक्तूबर को दोपहर 1:20 बजे से लेकर 19 अक्तूबर दिन में 1:54 बजे तक खरीदारी का शुभ समय रहेगा।
धनतेरस का महत्व और पूजन विधि
धनतेरस के दिन का विशेष महत्व भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य से जुड़ा है, जो आयुर्वेद और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं। इस दिन संध्या के समय मुख्यद्वार पर यमदेव के निमित्त दीपदान कर दीर्घायु की कामना की जाती है। यह दिन नए बर्तन, सोना, चांदी, और आभूषण खरीदने के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि इस परंपरा का उद्देश्य समृद्धि लाना होता है।
खरीदारी के लिए सही समय और वस्तुएं
धनतेरस के मौके पर अक्सर लोग स्टील जैसी धातुओं को खरीदने में संशय रखते हैं, लेकिन ज्योतिषाचार्य पं. जीतेंद्र नाथ पाठक के अनुसार, दिन का महत्व वार से प्रभावित नहीं होता। धनत्रयोदशी के दिन दोपहर तक चंद्रमा धन समृद्धि के ग्रह शुक्र के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी में रहेंगे, जिसे समृद्धि बढ़ाने वाला योग माना जाता है।
पूजन का शुभ मुहूर्त
शाम 7:14 बजे से लेकर रात 12 बजे तक धनतेरस पूजन के लिए सबसे उत्तम समय होगा। इस समय में पूजन करने से आरोग्य और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। धनतेरस का यह पूजन विधि और समय दोनों ही सफलता और समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।




