NMMS Scholarship: राजस्थान के होनहार विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी खुशखबरी आई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में मदद देने के लिए नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा 2027 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के मुताबिक, इस योजना के लिए 30 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन फॉर्म भरे जा सकेंगे। इच्छुक छात्र 30 नवंबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। यह योजना उन मेधावी बच्चों के लिए है जो धन की कमी के कारण अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ देते हैं।
इस स्कॉलरशिप योजना से छात्रों को क्या फायदा मिलेगा?
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य मकसद गरीब परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। इस स्कीम के जरिए चयनित छात्रों को उनकी आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सुरक्षा दी जाती है। राजस्थान के लिए इस बार कुल 5,471 सीटों का कोटा तय किया गया है।
- चयनित छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक हर साल 12,000 रुपये की वित्तीय मदद मिलती है।
- स्कॉलरशिप का पैसा सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजा जाता है।
- इस सहायता से छात्र बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर सकते हैं।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा आवेदन करने का मौका?
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें रखी गई हैं। केवल वही छात्र इसके योग्य माने जाएंगे जो वर्तमान में राजस्थान के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा पिछली कक्षा के परिणाम में न्यूनतम अंकों की शर्त और परिवार की सालाना आय की सीमा का पालन करना भी अनिवार्य है।
कैसा होगा परीक्षा का स्वरूप और महत्वपूर्ण तारीखें?
राजस्थान में इस स्कॉलरशिप के लिए चयन परीक्षा का आयोजन 20 दिसंबर को किया जाएगा। इस टेस्ट के जरिए छात्रों की दिमागी क्षमता और पढ़ाई के स्तर को जांचा जाएगा।
- परीक्षा में कुल 180 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न पूछे जाएंगे।
- पेपर हल करने के लिए विद्यार्थियों को कुल 3 घंटे का समय दिया जाएगा।
- सवाल मुख्य रूप से मेंटल एबिलिटी और शैक्षणिक योग्यता पर आधारित होंगे।
आवेदन करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ परीक्षा देने से छात्रवृत्ति पक्की नहीं होगी। छात्रों को मेरिट लिस्ट में जगह बनाने के साथ-साथ जिलेवार तय नियमों को भी पूरा करना होगा। अभिभावकों और छात्रों को यह सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख से पहले ही आधिकारिक पोर्टल पर जाकर दिशा-निर्देश पढ़ लें और समय रहते फॉर्म भर दें।
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