PM Vishwakarma Yojana 2025: पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ कैसे लें? 5% ब्याज पर मिलता है सस्ता लोन, जानें कैसे करें आवेदन

PM Vishwakarma Yojana 2025: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के बारे में जानें: पारंपरिक कारीगरों को मिल रही है आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और कम ब्याज दर पर लोन। आवेदन प्रक्रिया और योजना के लाभ जानने के लिए पढ़ें।

Rupali kumawat
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Rupali kumawat - Sub Editor
3 Min Read

PM Vishwakarma Yojana 2025: भारत सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक बड़ी पहल की है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सितंबर 2023 में शुरू हुई थी और अब देश के हुनरमंदों को आर्थिक मदद और प्रशिक्षण देकर उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मौका दे रही है। अब तक हजारों कारीगर इस योजना से जुड़ चुके हैं और अपने हुनर को नए सिरे से संवार रहे हैं। अगर आप भी पारंपरिक काम से जुड़े हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती है।

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कौन ले सकता है योजना का लाभ?

यह योजना उन सभी कारीगरों के लिए है, जो पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं। सरकार ने 18 तरह के कामों को इस योजना में शामिल किया है, जैसे:

  • मूर्तिकार
  • लोहार
  • सुनार
  • दर्जी
  • मोची
  • नाई
  • माला बनाने वाले
  • पत्थर तराशने वाले
  • नाव निर्माता
  • टोकरी और चटाई बनाने वाले

अगर आप इनमें से किसी भी काम से जुड़े हैं, तो आप इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। यह योजना न केवल आपके हुनर को निखारेगी, बल्कि आपकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद करेगी।

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आवेदन प्रक्रिया: सरल और सुविधाजनक

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में आवेदन करना बेहद आसान है। आवेदन प्रक्रिया के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु:

  • स्टेप 1: योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।
  • स्टेप 2: ‘Applicant/Beneficiary Login’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • स्टेप 4: आवेदन जमा करें और पात्रता जांच का इंतज़ार करें।

आवेदन जमा करने के बाद, आपके दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी और पात्र पाए जाने पर आपको योजना का लाभ मिलेगा।

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योजना के तहत मिलने वाले लाभ

इस योजना के तहत कारीगरों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। योजना के प्रमुख लाभ:

  • प्रशिक्षण भत्ता: प्रशिक्षण के दौरान रोजाना 500 रुपये का भत्ता।
  • टूलकिट सहायता: प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 15,000 रुपये की आर्थिक मदद।
  • कम ब्याज दर पर लोन:
    • पहले चरण में 1 लाख रुपये का लोन।
    • दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन।
  • व्यवसाय विस्तार: यह सहायता कारीगरों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद करती है।

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रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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