Sadguru-सदगुरु एक आध्यात्मिक गुरु हैं जिनके बारे में अधिकतर लोग जानते हैं। सदगुरु कहते हैं की कलयुग और द्वापर युग का आगमन एक साथ में ही हुआ है। सदगुरु यह भी बताते हैं की 25,900 वर्षों का समय चक्र बहुत पहले ही हो चुका है। 2083 में हम सब लोग पूरी तरह से द्वापर से त्रेता युग में प्रवेश कर जायेंगे। क्या आप भी यह बात सुन कर हैरान रह गए हैं? आइए जान लेते हैं सदगुरु में इस बारे में क्या क्या कहा है।
2083 में त्रेता युग में प्रवेश करने वाले हैं
(Sadguru) सदगुरु से जब एक कॉन्क्लेव के दौरान यह पूछा गया की राम राज्य की कल्पना को लेकर उनका क्या मानना है तो वह कहते हैं की सबसे पहले तो हमें यह जानना चाहिए की हम इस समय कलयुग में नहीं हैं। कलयुग की बातें बार बार इसलिए ही होती हैं क्योंकि कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने कलयुग के बारे में कहा है। ग्रह के स्थिति के अनुसार 72 साल होने पर हर एक ग्रह एक डिग्री बढ़ता है। यह चक्र 25,920 सालों का है। सतयुग से त्रेता, त्रेता से द्वापर और द्वापर युग से कलियुग आता है। कलियुग और द्वापर युग का आगमन एक साथ ही हुआ है और 25,900 वर्ष का समय चक्र बहुत पहले ही पूरा हो चुका है। इसलिए 2083 में हम पूरी तरह से द्वापर से त्रेता युग में आ जायेंगे।
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वह आगे कहते हैं की कलियुग तो बहुत पहले ही समाप्त हो चुका है। कुछ लोग राम को भगवान बुलाते हैं लेकिन उन्हें पुरुषोत्तम कहा जाता है। राम राज्य का मतलब एक उत्तम राष्ट्र की स्थापना करना है। इसका मतलब ही यह है की आपने एक उत्तम राष्ट्र का निर्माण करने की कोशिश की या नहीं। न की यह की उत्तम राष्ट्र का निर्माण हो चुका है या फिर नहीं। उत्तम राष्ट्र को लेकर वह कहते हैं की केवल मरे हुए व्यक्ति का जीवन ही उत्तम हो सकता है। जीवित इंसान केवल कोशिश कर सकता है। जिस दिन वह कोशिश करना बंद कर दे उस दिन का अर्थ है वह मर चुका है।
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