Census India 2025: प्रदेश में अगले दो वर्षों तक लाखों कर्मचारियों के तबादलों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार ने आगामी जनगणना को देखते हुए यह निर्णय लिया है, जो 2027 तक चलेगी। इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी। इसमें लगभग 2 लाख कर्मचारी-अफसरों की तैनाती की जाएगी और काम से मना करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, और शहरी निकायों के आयुक्त शामिल होंगे।
जनगणना होगी डिजिटल
जनगणना 2025 में लगभग 2 लाख कर्मचारी-अधिकारी शामिल होंगे। इस बार डिजिटल जनगणना होगी जहां कर्मचारियों को टैबलेट दिए जाएंगे और डेटा ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। स्थानीय निकायों और शिक्षकों को प्राथमिक तौर पर इस कार्य में लगाया जाएगा। अप्रैल 2026 से मकानों की लिस्टिंग शुरू होगी, जबकि 2027 में लोगों की गिनती होगी।
प्रशासनिक सीमाएँ फ्रीज़ होंगी
जनगणना के चलते, 1 जनवरी से प्रदेश की प्रशासनिक सीमाएं सील कर दी जाएंगी। गृह मंत्रालय जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। नए जिलों या उपखंडों के निर्माण पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 2027 तक जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा।
जनवरी से मिलेगी ट्रेनिंग
जनगणना के काम में हर प्रगणक 150 घरों की लिस्ट बनाएगा। जनवरी से उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे। एक प्रगणक लगभग 700 से 850 लोगों की गिनती करेगा। जयपुर, बीकानेर और भरतपुर संभागों में गांवों की लिस्टिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी जगहों पर यह काम अभी चल रहा है।
जिला हैंडबुक की तैयारी
हर जिले के लिए जनगणना हैंडबुक बनाई जा रही है, जिसमें जिले की पूरी फैक्ट फाइल शामिल होगी। इसका परीक्षण 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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