Indigo Flight News: फ्लाइट संकट का असर: पीक सीजन में पर्यटकों की बुकिंग रद्द, उड़ानों के रद्द होने से राजस्थान के प्रमुख शहरों में सन्नाटा

Indigo Flight Crisis राजस्थान में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों के संकट ने पर्यटन उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है। फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने से पर्यटकों ने बुकिंग रद्द कर दी, जिससे जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में सन्नाटा छा गया। होटल व्यवसाय से लेकर प्री-वेडिंग फोटोग्राफी तक, सभी उद्योग आर्थिक मार झेल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्थिति सुधर सकती है, जिससे स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन स्थलों की रौनक लौटेगी।

Naveen Parmuwal
Written by:
Naveen Parmuwal - Senior Sub Editor
3 Min Read

Indigo Flight Crisis: राजस्थान में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों के निरंतर कैंसिल और देरी से पीक सीजन में पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है, जिससे जयपुर, जोधपुर, उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में सन्नाटा छा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट के चलते पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े व्यवसायों को 50 से 60% तक नुकसान झेलना पड़ा है। इस व्यवधान ने हजारों लोगों की योजनाएं पलट दी हैं, जिससे होटल व्यवसाय, यात्रा सेवाएँ, और अन्य सहायक उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

- Advertisement -

फ्लाइट रद्द, पर्यटन व्यवसाय संकट में

इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द होने से पर्यटकों ने अपनी बुकिंग धड़ाधड़ रद्द कर दी हैं। स्थानीय गाइड, प्री-वेडिंग फोटोग्राफर और पारंपरिक उपहार विक्रेता जैसे व्यवसाय भी संकट में हैं। एक प्री-वेडिंग फोटोग्राफर ने बताया कि शादियां रद्द होने से उन्हें ₹2.5 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं, फोटोग्राफर दिलीप के अनुसार उनका कारोबार लगभग 80% तक गिर चुका है।

पर्यटन संकट का असर स्थानीय व्यवसायों पर

संकट का असर सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय व्यवसायी भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एक घोड़ा मालिक ने कहा कि पर्यटकों की कमी से उसे और उसके घोड़े को खाना खिलाना भी दुश्वार हो गया है। दुकानदार नसीर ने जानकारी दी कि बिक्री बिल्कुल ठप है और वे दुकान में बैठे-बैठे ऊब रहे हैं।

- Advertisement -

किले और महल अब सुनसान

पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक ने बताया कि उड़ानों के रद्द होने से बीते वर्षों की तुलना में पर्यटन पर भारी असर पड़ा है। पिछले साल जहां राजस्थान के किले, महल और झीलें पर्यटकों से भरी रहती थीं, वहीं इस बार स्थिति उलट है। जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे शहर इस संकट से जूझ रहे हैं।

सुरक्षा और स्थिरता की उम्मीद

इस बीच, विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे ताकि पर्यटक फिर से राजस्थान के अद्भुत स्थलों का आनंद ले सकें। स्थानीय व्यवसायियों को भी उम्मीद है कि आने वाले महीनों में पर्यटन उद्योग में सुधार होगा और वे अपने व्यवसाय को फिर से खड़ा कर पाएंगे।

- Advertisement -

Want a Website like this?

Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert

Contact Me
Share This Article
Avatar photo
Senior Sub Editor
Follow:
नवीन पारमुवाल एक युवा डिजिटल पत्रकार और अनुभवी कंटेंट विशेषज्ञ हैं। राजस्थान के सीकर से ताल्लुक रखने वाले नवीन ने पिछले 6 सालों में डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में काम किया है। उन्होंने राजस्थान के नंबर वन अखबार राजस्थान पत्रिका से अपने करियर की शुरुआत की। जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने लोकल मुद्दों, घटनाओं और समाज से जुड़ी खबरों को नजदीक से देखा और पाठकों तक पहुंचाया।बाद में पत्रिका.कॉम के साथ डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए नवीन ने प्रदेश, राजनीति, व्यापार, तकनीक, मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय खबरों जैसे अहम मोर्चों को संभाला। उन्होंने ईटीवी भारत और वनइंडिया हिंदी जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए न्यूज एडिटिंग, कंटेंट मैनेजमेंट और होमपेज ऑपरेशंस में अपनी गहरी पकड़ बनाई।तेज और सटीक रिपोर्टिंग के साथ-साथ SEO ऑप्टिमाइजशन और ऑडियंस एंगेजमेंट में उनकी दक्षता ने उन्हें डिजिटल मीडिया में अलग पहचान दिलाई।पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें पंडित झाबरमल शर्मा पत्रकारिता पुरस्कार (डिजिटल) और गोल्डन अवॉर्ड- पत्रिका.कॉम प्रमुख हैं।
News in Image Share Link