Rajasthan News: राजस्थान की भजन लाल सरकार ने फिजूलखर्ची पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश का कोई भी सरकारी कार्यक्रम किसी निजी होटल या प्राइवेट जगह पर आयोजित नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपने कार्यक्रमों के लिए केवल सरकारी इमारतों और परिसरों का ही इस्तेमाल करें। इस फैसले के बाद राज्य में पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
आखिर सरकार ने यह कड़ा फैसला क्यों लिया?
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सरकारी खजाने पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम होगा। सरकारी भवनों के बावजूद बाहर कार्यक्रम करने से लाखों रुपये व्यर्थ खर्च होते हैं। नए नियमों के अनुसार:
- सरकारी विभागों को अब अपनी ही बिल्डिंग्स में कार्यक्रम करने होंगे।
- निजी स्थानों के उपयोग पर अब पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
- अति आवश्यक स्थिति में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी से इजाजत लेनी होगी।
- इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य जनता के पैसे का सही इस्तेमाल और सरकारी संसाधनों को बढ़ावा देना है।
विपक्ष को क्यों सता रहा है आर्थिक संकट का डर?
कांग्रेस पार्टी ने सरकार के इस फैसले को राज्य की खस्ताहाल माली हालत से जोड़ दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार के पास पैसा खत्म हो चुका है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सरकार को प्रदेश की असली आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कदम केवल अनुशासन और बचत के लिए उठाया गया है।
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