Supreme Court Order: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि दो महीने के भीतर कोचिंग सेंटरों के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं। इसमें पंजीकरण, छात्रों की सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र को अनिवार्य करना शामिल है। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समितियों का गठन भी करना होगा। इसका उद्देश्य छात्रों की आत्महत्या रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य नीति को एक समान रूप से लागू करना है।
राजस्थान हाईकोर्ट की सख्ती
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कानून बनने तक केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को सख्ती से लागू किया जाए। कोर्ट ने कोचिंग संस्थानों को भी छात्रों को आत्महत्या से बचाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है। यह आदेश न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश चन्द्रप्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर दिया है।
मानसिक स्वास्थ्य नीति का महत्व
अब सभी शिक्षण संस्थानों को आत्महत्या रोकने के लिए एक समान मानसिक स्वास्थ्य नीति अपनानी होगी, जिसे हर साल अपडेट किया जाएगा। इसे संस्थान की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। 100 या अधिक छात्रों वाले संस्थानों को काउंसलर, मनोवैज्ञानिक या सामाजिक कार्यकर्ता नियुक्त करना होगा।
संस्थानों के लिए निर्देश
सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को काउंसलरों से प्रशिक्षण दिलाना होगा। यौन उत्पीड़न, रैगिंग और धमकाने की रिपोर्टिंग के लिए मैकेनिज्म स्थापित करना होगा। जागरुकता गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना और शिक्षा विभाग को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।




