Kaun Banega Crorepati: राजस्थान के सीकर जिले के एक छोटे से गांव श्यामपुरा के रहने वाले कृष्ण कुमावत ने अपनी बुद्धिमानी से सबको हैरान कर दिया है। पेशे से टाइल मिस्त्री कृष्ण ने मशहूर टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 18वें सीजन में हिस्सा लेकर 50 लाख रुपये की बड़ी राशि अपने नाम की है। सोमवार रात जब टीवी पर इस एपिसोड का प्रसारण हुआ, तो पूरे गांव की आंखें गर्व से नम हो गईं। 50 लाख के सवाल का सही जवाब देने के बाद कृष्ण ने जोखिम न लेते हुए खेल छोड़ने का फैसला किया।
टाइल मिस्त्री की सफलता के पीछे क्या है राज?
कृष्ण कुमावत का जीवन संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। दिनभर मेहनत मजदूरी करने के बाद वे अपनी रातों को किताबों के नाम कर देते थे। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि अगर लगन सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- कृष्ण कुमावत पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत श्यामपुरा के निवासी हैं।
- वे दिन में टाइल लगाने का काम करते हैं और रात में सामान्य ज्ञान बढ़ाते हैं।
- परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।
- कृष्ण के दो बच्चे हैं और उनके छोटे भाई भी काम में उनकी मदद करते हैं।
पूरे गांव ने एक साथ देखा केबीसी का मुकाबला
कृष्ण की इस ऐतिहासिक जीत को देखने के लिए गांव में खास इंतजाम किए गए थे। ग्राम पंचायत परिसर में एक बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाई गई थी, जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर पूरा एपिसोड देखा। जैसे ही कृष्ण ने 50 लाख रुपये जीते, पूरा गांव तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सरपंच मनीषा देवी ने कृष्ण को युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बताया है।
युवाओं के लिए कृष्ण ने क्या संदेश दिया?
अपनी इस बड़ी कामयाबी के बाद कृष्ण कुमावत ने नई पीढ़ी को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करने के बजाय इंटरनेट का उपयोग केवल नई चीजें सीखने और अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए करना चाहिए।
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