Sikar Election: सीकर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसका फैसला आज हो जाएगा। शहर के नए मुखिया को चुनने के लिए सुबह 10 बजे से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अपने पार्षदों को होटल और फार्म हाउस में छिपाकर रखा था, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे मतदान केंद्र लाया गया है। दोपहर 2 बजे तक चलने वाले इस मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती होगी और आज ही नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।
कौन बनेगा शहर का मुखिया और क्या है समीकरण?
सीकर में बहुमत का आंकड़ा कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दे रहा है, लेकिन भाजपा भी जोड़तोड़ की कोशिशों में पीछे नहीं है। कांग्रेस ने अनुभव पर भरोसा जताते हुए चौथी बार की पार्षद खतीजा बानो को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पहली बार चुनाव जीतीं कंचन पर दांव खेला है। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए नगर परिषद क्षेत्र में भारी जाब्ता तैनात किया है।
चुनावी रण के मुख्य बिंदु क्या हैं?
- कुल 65 वार्डों में से कांग्रेस के पास 38 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े 33 से पांच अधिक हैं।
- भारतीय जनता पार्टी के पास 22 पार्षद हैं, वहीं 4 निर्दलीय और 1 आरएलपी का पार्षद भी निर्णायक भूमिका में है।
- सुरक्षा के लिए 1 एएसपी और 6 इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
- मतदान के बाद किसी भी प्रत्याशी को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है।
- 22 सितंबर को उपसभापति पद के लिए प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें जरूरत पड़ने पर दोपहर बाद वोट डाले जाएंगे।
पार्षदों की बाड़ेबंदी और क्रॉस वोटिंग का डर क्यों?
भले ही कागजों पर कांग्रेस मजबूत दिख रही है, लेकिन पार्टी को अपने ही पार्षदों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने का डर सता रहा है। इसी कारण नामांकन के बाद से ही पार्षदों को शहर से बाहर रखा गया था। दूसरी तरफ, भाजपा पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की रणनीति के भरोसे उलटफेर की उम्मीद लगाए बैठी है। खतीजा बानो को विधायक राजेंद्र पारीक का करीबी माना जाता है, जिससे यह लड़ाई अब दिग्गजों की साख का सवाल बन गई है।
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