Sikar Traffic Police: सीकर शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो रिक्शा की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अब शहर के हर ऑटो रिक्शा को एक विशेष यूनिक नंबर दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। पुलिस ने इस मुहिम के तहत ऑटो चालकों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है और सत्यापन के बाद ही उन्हें यह खास नंबर जारी किया जा रहा है।
यूनिक नंबर सिस्टम से जनता को क्या फायदा होगा?
इस नई पहल का सबसे बड़ा लाभ आम यात्रियों को मिलेगा। अक्सर ऑटो में सामान छूटने या चालकों के दुर्व्यवहार की शिकायतें आती हैं, लेकिन ऑटो की पहचान न होने के कारण कार्रवाई मुश्किल होती थी। अब यूनिक नंबर बड़ा और स्पष्ट लिखा होगा, जिससे यात्री उसे आसानी से नोट कर सकेंगे। पुलिस के पास उस नंबर से जुड़ी ड्राइवर और मालिक की पूरी कुंडली मौजूद रहेगी।
प्रशासन ने इस अभियान में क्या कदम उठाए हैं?
- सीकर शहर के सभी ऑटो रिक्शा का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
- ऑटो के आगे और पीछे के हिस्से पर एक विशेष पहचान संख्या (यूनिक नंबर) दर्ज की जाएगी।
- नंबर जारी करने से पहले गाड़ी के कागज, इंश्योरेंस और ड्राइवर के लाइसेंस की सघन जांच हो रही है।
- बिना यूनिक नंबर के शहर में ऑटो चलाने पर पाबंदी लगाई जाएगी।
- ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो स्टैंड्स पर जाकर चालकों को इस प्रक्रिया की जानकारी देना शुरू कर दिया है।
सुरक्षा के लिहाज से क्यों जरूरी है यह बदलाव?
सीकर पुलिस के अनुसार, कई बार बिना रजिस्ट्रेशन या बाहरी क्षेत्रों के ऑटो शहर में चलते हैं, जिससे अपराध बढ़ने का खतरा रहता है। यूनिक नंबर मिलने के बाद पुलिस के पास एक डिजिटल डेटाबेस तैयार हो जाएगा। यदि कोई चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसे पकड़ना बेहद आसान होगा। शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस अब विशेष चेकिंग अभियान चलाकर इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कर रही है।
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