Surya Grahan News: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। खगोलीय घटनाओं में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व होता है, जिसे विज्ञान और ज्योतिष दोनों अलग दृष्टिकोण से देखते हैं। यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में हो रहा है। लेकिन क्या इसका भारत पर कोई प्रभाव पड़ेगा, यह सवाल अब भी लोगों के मन में है।
रिंग ऑफ फायर का अनोखा नजारा
इस सूर्य ग्रहण के दौरान ‘रिंग ऑफ फायर’ का दुर्लभ दृश्य लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक दिखाई देगा, जब चंद्रमा सूर्य के 96% हिस्से को ढक लेगा। हालांकि, भारत में इस अद्भुत दृश्य का आनंद नहीं लिया जा सकेगा क्योंकि यह यहां से दिखाई नहीं देगा।
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव उसी स्थान पर होता है जहां यह दिखाई देता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा। न ही मंदिरों के पट बंद होंगे और न ही विशेष नियमों का पालन करना होगा। गर्भवती महिलाओं के लिए भी किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं है।
इन देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण को दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों जैसे अर्जेंटीना और चिली में देखा जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा और शाम 7:57 बजे समाप्त होगा, कुल 4 घंटे 32 मिनट का।
ज्योतिषीय प्रभाव
मिथुन लग्न के समय लगने वाले इस ग्रहण में मंगल, सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति से विशेष ग्रहण योग बन रहा है। कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान तकनीकी समस्याएं जैसे मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट बाधित हो सकते हैं। हालांकि, इसे ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। यह ग्रहण भारत के लिए ज्योतिषीय रूप से विशेष है, लेकिन इसका भौतिक असर यहां नहीं होगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह खगोलीय घटना पूरी तरह से सुरक्षित है और इसे जितनी आस्था से जोड़ा जाता है, उतनी ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखा जाना चाहिए।
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