Vastu Energy Cleanse: क्या आपके घर में भी थकान और चिड़चिड़ापन छाया हुआ है? वास्तु और आयुर्वेद के अनुसार, कपूर के साथ लोबान और गुग्गल जलाने से घर की ऊर्जा को शुद्ध किया जा सकता है। इन प्राकृतिक तत्वों के उपयोग से न केवल हवा को ताजगी मिलती है बल्कि मानसिक शांति भी आती है।
आजकल की भागमभाग भरी जिंदगी में अक्सर घर में एक आलस और भारीपन महसूस होता है। लोगों में चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। वास्तु और आयुर्वेद में इसे ‘रुकी हुई ऊर्जा’ का प्रभाव माना जाता है। लोबान और गुग्गल, जो कि प्राकृतिक राल हैं, घर के वातावरण को शुद्ध करने में सहायता करते हैं। कपूर का उपयोग तुरंत माहौल को सुगंधित और ऊर्जा से भरपूर बनाता है, वहीं लोबान और गुग्गल हवा की गहराई से सफाई कर सूक्ष्म कीटाणुओं का सफाया करते हैं।
हानिकारक बैक्टीरिया को कहें अलविदा
लोबान और गुग्गल के धुएं में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह धुआं घर के कोनों में छिपे कीटाणुओं को समाप्त करता है, जो सर्दी, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं। मानसून और बदलते मौसम में यह ‘प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर’ का काम करता है।
संध्या काल में करें शुद्धिकरण
वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि संध्या काल, जब दिन और रात मिलते हैं, सबसे उपयुक्त समय है। पीतल या मिट्टी के दीपक में कपूर जलाकर उसमें थोड़ा लोबान और गुग्गल डालें। इस धुएं को घर भर में फैला दें, खासकर जहां ऊर्जा का प्रवाह अवरुद्ध होता है।
बुरी नजर से बचाव का उपाय
कपूर का धुआं घर की ‘बुरी नजर’ और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है। इसे जलाते समय, खिड़कियां खोलकर रखें ताकि ताजा हवा का संचार हो सके।
नोट: यह उपाय केवल जानकारी के रूप में साझा किया गया है। पाठकों से सुझाव है कि इसे अंधविश्वास के रूप में न लें और अपनी विवेक बुद्धि का उपयोग करें।
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