राजस्थान के प्राचीन गांव से निकली काले रंग की दुर्लभ मूर्ति, 2000 शताब्दी में बसा था ये गांव: Rajasthan News

Rajasthan News: राजस्थान के प्राचीन गांव से भगवान विष्णु की मूर्ति (Bhagwan Vishnu Murti Found In Rajasthan) निकली है। अलवर जिल के इस गांव में मूर्ति निकलने से लोगों का मेला गया। इसकी जानकारी पुरातत्त्व विभाग को दी गई। वो लोग मूर्ति की जांच कर रहे हैं।

Ravi Kumar
Written by:
Ravi Kumar - News Editor (Consultant)
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Rajasthan News: राजस्थान के प्राचीन गांव से भगवान विष्णु की मूर्ति (Bhagwan Vishnu Murti Found In Rajasthan) निकली है। अलवर जिल के इस गांव में मूर्ति निकलने से लोगों का मेला गया। इसकी जानकारी पुरातत्त्व विभाग को दी गई। वो लोग मूर्ति की जांच कर रहे हैं।

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बताया जा रहा है राजस्थान में तसई गांव में एक टीले पर मिट्टी खुदाई करते वक्त भगवान विष्णु की काले रंग की मूर्ति निकली है। पाषाण वाली मूर्ति करीब तीन फीट ऊंची है। गुरुवार को इसकी जानकारी मिलने पर लोग यहां पर जुट गए।

कहां से आई मूर्ति, सरपंच ने बताई कहानी

तसई गांव के सरपंच मुकेश ने एनडीटीवी को बताया, ‘ब्राह्मण समाज के सती मंदिर के पास एक प्राचीन टीला है, जिसकी करीब एक माह पहले खुदाई की गई थी। उस वक्त जो मिट्टी खोदी गई, उसे एक ट्रैक्टर की ट्रॉली में भरकर गांव के बाहर एक प्लॉट में डलवाया था।”

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प्लॉट के काम के दौरान निकली मूर्ति

जब वहां पर काम करना शुरू किया गया तब मिट्टी में दबी मूर्ति निकली हैं। उस प्लॉट पर पड़ी मिट्टी को समतल किया जा रहा था तभी ट्रैक्टर वहां पर फंस गया। इसके बाद जब फांवड़ा से मिट्टी हटाया गया तो वो मूर्ति जैसी मालूम हुई। इसके बाद उसे अच्छी तरह से निकाला गया। मूर्ति को मिट्टी से निकालने के बाद पता चला कि वो भगवान विष्णु की मूर्ति है।

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मूर्ति निकलने के बाद गांव में लगा मेला

मूर्ति निकले के बाद वहां पर गांव के लोग एकत्र हुए। उस मूर्ति को रखकर के वहां पर पूजा पाठ किया गया। साथ ही इसकी जानकारी भी प्रशासन को दी गई। पुरातत्त्व विभाग की जांच के बाद ही ये पता चल पाएगा कि ये मूर्ति कितनी पुरानी है।

तसई राजस्थान का प्राचीन गांव

सरपंच की ओर से ये भी जानकारी दी गई कि तसई गांव प्राचीन है। करीब 2 हजार शताब्दी में यह बसा था। फिर 1405 विक्रम संवत में ठाकुर सूरज सेन द्वारा एक ऊंचे टीले पर यह तानहौरी गांव बसाया गया, जिसे अब तसई गांव के नाम से जाना जाता है।

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