सोने-चांदी का खजाना, सांपों का पहरा… जानिए भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार में क्या है- Ratna Bhandar Puri

Ratna Bhandar Puri: भगवान जगन्नाथ पुरी का रत्न भंडार (Lord Jagannath Ratna Bhandar) 46 साल बाद खोला गया। पुरी रत्न भंडार में ऐसा क्या है जिसको लेकर कई बातें कही जा रही हैं। जब पहली बार रत्न भंडार को खोलने पर क्या मिला था? आइए पढ़ें पुरी रत्न भंडार की कहानी (Puri Ratna Bhandar History)।

Ravi Kumar
Written by:
Ravi Kumar - News Editor (Consultant)
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Ratna Bhandar Puri: भगवान जगन्नाथ पुरी का रत्न भंडार (Lord Jagannath Ratna Bhandar) 46 साल बाद खोला गया। पुरी रत्न भंडार में ऐसा क्या है जिसको लेकर कई बातें कही जा रही हैं। जब पहली बार रत्न भंडार को खोलने पर क्या मिला था?

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आइए पढ़ें पुरी रत्न भंडार की कहानी (Puri Ratna Bhandar History)

रविवार दोपहर 1:28 बजे पुरी रत्न भंडार को खोला गया। रत्न भंडार को खोलने की परंपरा का पालन करते हुए सबसे पहले भंडार के रक्षक भगवान लोकनाथ महादेव से अनुमति लेकर आज्ञा माला (भगवान जगन्नाथ की मालाएं) को लाया गया।

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लाख कोशिश के बाद नहीं खुले रत्न भंडार के ताले

इसके बाद कलक्टर द्वारा दी गई डुप्लीकेट चाबी से रत्न भंडार के ताले को खोलने का प्रयास किया, मगर लंबे समय से बंद रहने के कारण जंग लगा था इसलिए ताला नहीं खुल पाया तो उसे तोड़ दिया गया। इस तरह से ताला तोड़ने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

रत्न भंडार में जाने से पहले लिया शपथ

जानकारी के मुताबिक, पुरी के रत्न भंडार में अंदर जाने से पहले सभी 12 लोगों ने भगवान लोकनाथ के सामने शपथ ली। उन्होंने ये प्रतिज्ञा ली कि वे अंदर जो देखेंगे किसी को नहीं बताएंगे। सिर्फ सरकार को रत्नों की जानकारी देंगे। इस दौरान मंदिर के बाहर पुलिस और सुरक्षा जवानों द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

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1978 में पहली बार खुला था पुरी रत्न भंडार

जान लें पिछली बार 1978 में रत्न भंडार को खोला गया था और उसके बाद साल 2024 में खोला गया है। उस दौरान भी 11 लोगों की टीम का गठन किया गया था। साल 1978 में चीजों की लिस्टिंग और वजन की प्रक्रिया में करीब 70 दिन लगे थे। उस दौरान सोना चांदी का भंडार मिला था।

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भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार में क्या मिला था

भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार की जानकारी वर्ष 2018 में ओडिशा के तत्कालीन कानून मंत्री प्रताप जेना ने विधानसभा में दी थी। उनकी जानकारी के मुताबिक, 1978 में रत्न भंडार के अंदर करीब 140 किलो सोने के गहने, 256 किलो चांदी के बर्तन मिले थे। पुरी मंदिर प्रशासन के मुताबिक इन आभुषणों में कीमती पत्थर भी जड़े थे।

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बक्से में रख गए है कीमती खजाने

इस बार भी इन कीमती सामानों की गणना, वजन आदि किया जाना है। इन चीजों को ले जाने के लिए सागवान की लकड़ी के पीतल लगे बक्से बनवाए गए हैं, करीब 10 से अधिक बक्से बनवाए गए हैं जिसमें इस खजाने को रखा जाएगा। रत्न भंडार से चीजों को निकालकर मंदिर परिसर में अस्थाई स्टोर रूम में ये सब रखा गया है।

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