Rajasthan Health Scandal: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में रविवार को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई, जिससे राज्य के सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) का किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस बैठक में आपातकालीन सेवाओं और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य योजनाओं में सख्ती, दोषियों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वास्थ्य योजनाओं में अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस के दुरुपयोग पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में 108 एंबुलेंस सेवा और 104 जननी एक्सप्रेस की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने दूरदराज क्षेत्रों तक इन सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि जरूरतमंदों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा सके। उनकी यह पहल राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक हो सकती है।
स्कूलों में नेत्र जांच शिविरों का आयोजन
राजकीय स्कूलों में नेत्र जांच शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त चश्मे वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अधिकारियों को लापरवाह कार्मिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत भी दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।




