- नोट्स, बुक देखकर प्रश्न हल कर सकेंगे छात्र
- नकल रोकने के लिए लागू होगा ओपन बुक एग्जाम
- सीबीएसई कर रहा ओपन बुक एग्जाम की तैयारी
Open Book Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई बोर्ड 2024 परीक्षाएं (CBSE Exams 2024) जारी है। कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं 13 मार्च 2024 तक, तो कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं 2 अप्रैल 2024 तक आयोजित होगी। इसी बीच बोर्ड विद्यार्थियों के लिए सीबीएसई ओपन बुक एग्जाम (CBSE Open Book Exam) करवाने पर विचार कर रहा है। सीबीएसई ने कक्षा 9 से 12वीं तक में कुछ विषयों में ओपन बुक परीक्षा कराने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। यदि सफल रहा तो CBSE से लागू कर सकता है। इसका मकसद बच्चों को तनाव से दूर रखना और परीक्षा में नकल रोकना भी है।
ओपन बुक एग्जाम क्या है? (What is the Open Book Exam?)
ओपन बुक एग्जाम कोई नहीं प्रणाली नहीं है। यह कई देशों में पहले ही चल रही है। अब इसे सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। ओपन बुक एग्जाम में किताब या स्टडी मैटेरियल ले जाने की व्यवस्था होती है। यानी विद्यार्थी पेपर हल करने के लिए बुक, नोट्स का इस्तेमाल कर सकता है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगा शुरू
ओपन बुक एग्जाम की व्यवस्था एक साथ लागू नहीं होगी। पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 9वीं कक्षा के लिए इंग्लिश, मैथ्स और साइंस जैसे विषयों तथा 11वीं और 12वीं कक्षा में इंग्लिश, मैथ्स और बायोलॉजी जैसे विषयों के लिए शुरू किया जायेगा। उम्मीद है कि इसी साल नवंबर-दिसंबर में इस नई प्रणाली की शुरुआत हो सकती है।
कई देशों में होता है ओपन बुक एग्जाम (Is there Open Book Exam in CBSE?)
ओपन बुक एग्जाम फॉर्मेट क्या है? 1800 के दशक में यूरोप के लॉ कॉलेज में ओपन बुक कॉन्सेप्ट के आधार पर परीक्षा हुई थी। यूनाइटेड किंगडम में ओपन बुक एग्जाम A-level परीक्षाओं में आम है। वहीं, नीदरलैंड की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज और अमेरिका के कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटी भी ओपन बुक एग्जाम कराते हैं। सिंगापुर और हांगकांग के कुछ कॉलेजों, कनाडा के कुछ राज्यों में हाईस्कूल स्तर पर यह कॉन्सेप्ट अपनाया जाता है।
Open book एग्जाम के फायदे क्या होंगे?
-विद्यार्थियों मे परीक्षा का तनाव कम होगा।
-विद्यार्थियों को रट्टा मारने कि जरूरत नहीं होगी। कॉन्सेप्ट समझने होंगे ताकि अपनी किताब और नोट्स देखकर अपनी भाषा मे सवाल का उत्तर देना होगा।
-नकल का स्कोप कम होगा।
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