Main Hi Krishna Main Hi Ram Song: रैप की बीट्स पर थिरके कथक के कदम, जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ अनोखा गाना

Main Hi Krishna Main Hi Ram Song: जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ रैप और कथक का अनोखा फ्यूजन, जिसमें गीता के संदेश को मॉडर्न अंदाज में पेश किया गया है।

Rupali kumawat
Written by:
Rupali kumawat - Sub Editor
3 Min Read

Main Hi Krishna Main Hi Ram Song: क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान श्रीकृष्ण की गीता के उपदेश और आज का ट्रेंडी रैप म्यूजिक एक साथ कैसे सुनाई देंगे। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर संगीत की दुनिया में एक ऐसा ही अनूठा प्रयोग देखने को मिला है, जहां आध्यात्मिक रैप के साथ शास्त्रीय नृत्य कथक की जुगलबंदी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह सिर्फ एक गाना नहीं है बल्कि भारतीय दर्शन और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल है, जिसे स्वतंत्र संगीतकारों ने बहुत ही खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है। इस गाने के जरिए युवाओं को अपनी जड़ों और कर्मयोग के सिद्धांत से जोड़ने की एक नई पहल की गई है।

- Advertisement -

कैसे हुआ रैप और कथक का यह अद्भुत मिलन?

इस खास प्रस्तुति में संगीतकार देवेश धाबलिया और ऋषि शर्मा, जिन्हें देव-ऋषि के नाम से जाना जाता है, उन्होंने कमाल का म्यूजिक तैयार किया है। गाने के बोल और दमदार रैप अंशुल चौबे की आवाज में हैं, जो सीधे दिल पर दस्तक देते हैं। ‘मैं ही कृष्ण, मैं ही राम’ गाने का सबसे बड़ा आकर्षण इसका वीडियो है, जिसे महिमा अग्रवाल ने निर्देशित किया है। वीडियो की कहानी एक युवा कथक कलाकार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी कला को सिद्ध करने के लिए दिन-रात मेहनत करता है। इसमें गुरु-शिष्य की प्राचीन परंपरा ‘गंडा बंधन’ को भी दिखाया गया है, जो हमारी संस्कृति की गहराई को बयां करता है।

क्या है इस गाने के पीछे का असली संदेश?

अंशुल चौबे और देव-ऋषि की इस टीम ने गाने में भक्ति, धैर्य, आत्म-साक्षात्कार और जीवन के असली मकसद जैसे गंभीर विषयों को बहुत ही सरल अंदाज में पिरोया है। गाने का फिल्मांकन कलाकार के संघर्ष और उसकी साधना को दर्शाता है, जिसमें प्रैक्टिस के दौरान पसीना बहाने से लेकर सफलता के शिखर तक पहुंचने का सफर शामिल है। यह गाना यह संदेश देता है कि भारतीय शास्त्रीय कलाएं आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी सदियों पहले थीं। रैप और कथक का यह फ्यूजन साबित करता है कि अगर सही तरीके से पेश किया जाए, तो नई पीढ़ी अपनी संस्कृति को बड़े चाव से अपना सकती है।

- Advertisement -

कलाकारों ने क्यों चुना यह डिजिटल रास्ता?

स्वतंत्र संगीतकारों की इस टोली का मानना है कि मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान का प्रसार भी जरूरी है। देवेश, ऋषि और अंशुल ने अपने अनुभवों को आध्यात्मिकता के साथ जोड़कर एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है, जहां गीता के उपदेश बोरियत भरे नहीं बल्कि जोशीले लगते हैं। गाने का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर की ताकत को जगाना और उन्हें खुद पर भरोसा करना सिखाना है। जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ यह गाना अब सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और लोग इस क्रिएटिविटी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

Want a Website like this?

Designed & Optimized by Naveen Parmuwal
Journalist | SEO | WordPress Expert

Contact Me
Share This Article
Avatar photo
Sub Editor
Follow:
रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *