Nepal Flood: नेपाल में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इसी बीच नुवाकोट जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। यहां त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक टनल में फंसे दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शनिवार से जारी मूसलाधार बारिश के कारण टनल का रास्ता बंद हो गया था, जिससे ये दोनों अंदर ही फंस गए थे। पुलिस और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद इन्हें सही-सलामत बचा लिया है। नेपाल में कुदरत का कहर इस कदर टूटा है कि अब तक 150 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
टनल के अंदर कैसे चला बचाव अभियान?
जब मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली, तो स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। टनल के मुहाने पर मलबा जमा होने के कारण रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया था। बचाव दल ने आधुनिक मशीनों और स्थानीय लोगों की मदद से रास्ता साफ किया और मजदूरों तक पहुंचे। सुरक्षित निकाले गए दोनों व्यक्ति अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
- भीषण बारिश के चलते नेपाल के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
- राजधानी काठमांडू समेत कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं।
- सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
- सशस्त्र पुलिस बल और सेना राहत कार्यों में जुटी हुई है।
- सड़कों पर मलबा आने से संपर्क टूट गया है, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
बाढ़ और बारिश से कितनी हुई है तबाही?
नेपाल में मानसूनी बारिश ने इस साल पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। काठमांडू को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग भूस्खलन की चपेट में हैं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और भोजन-दवाई की व्यवस्था करना है।
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