Mirzapur The Movie: 900 का टिकट और 260 की भेल, शोभा डे ने फिल्म को बताया 4 घंटे की बर्बादी, भड़कीं लेखिका

Mirzapur The Movie: शोभा डे ने फिल्म को बताया पैसे और समय की बर्बादी, सिनेमाहॉल में सोती नजर आईं महिलाएं, जानें बॉक्स ऑफिस का हाल।

Rupali kumawat
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Rupali kumawat - Sub Editor
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Mirzapur The Movie: क्या कोई फिल्म इतनी उबाऊ हो सकती है कि सिनेमाहॉल में दर्शक खर्राटे लेने लगें? मशहूर लेखिका शोभा डे का तो यही मानना है, जिन्होंने इस फिल्म को देखने के बाद अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर जाहिर किया है। शोभा डे ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के लिए 900 रुपये का टिकट खरीदा और 260 रुपये की भेल खाई, लेकिन बदले में उन्हें मिला सिर्फ चार घंटे का सिरदर्द। लेखिका ने फिल्म की कहानी को पूरी तरह दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें बिना किसी तालमेल के दृश्यों को जोड़ दिया गया है। उन्होंने फिल्म में दिखाए गए अजीबोगरीब सीक्वेंस जैसे ऊंट का दूध और एक खूंखार विलेन द्वारा अपनी प्रेमिका के लिए सेक्सी ब्रैलेट सिलने जैसी बातों पर भी जमकर कटाक्ष किया है।

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क्या सिनेमाहॉल में सो गए थे दर्शक?

शोभा डे का यह अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि उन्होंने दावा किया है कि फिल्म के दौरान वह खुद 15 मिनट के लिए सो गई थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पीछे बैठी दो महिलाओं को भी गहरी नींद में खर्राटे लेते हुए सुना। शोभा डे के अनुसार यह फिल्म सिर्फ पुरुष दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इसमें पटकथा की भारी कमी है। हालांकि उन्होंने अली फजल और रवि किशन जैसे कलाकारों के अभिनय की सराहना की, लेकिन कमजोर कहानी और बेवजह की हिंसा ने उनके अनुभव को खराब कर दिया। रसिका दुग्गल यानी बीना त्रिपाठी के एक सेक्स सीन को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और इसे कहानी में बिना किसी संदर्भ के जबरदस्ती ठूंसा हुआ बताया।

कैसा रहा बॉक्स ऑफिस का रिपोर्ट कार्ड?

एक तरफ जहां शोभा डे जैसे समीक्षक फिल्म की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। निर्देशक गुरमीत सिंह की इस फिल्म ने कमाई के मामले में सुनामी ला दी है और अब तक भारत में 148.45 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन भी 176.94 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु की तिकड़ी के साथ जितेंद्र कुमार और रवि किशन जैसे सितारों ने पर्दे पर पूर्वांचल का वही पुराना खौफ पैदा करने की कोशिश की है। भले ही बुद्धिजीवी वर्ग इसे हिंसा से भरी फिल्म बता रहा हो, लेकिन मिर्जापुर के फैंस की दीवानगी ने इसे सुपरहिट की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।

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रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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