Manoj Kumar Memories: हिंदी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता मनोज कुमार को देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों और उनकी सादगी भरी अदाकारी के लिए आज भी बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है। लंबे समय तक उन्होंने फिल्मी पर्दे पर अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। लेकिन एक बार ऐसा मौका आया जब वे बेहद गुस्से में आ गए और इसकी वजह बने बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान।
‘ओम शांति ओम’ का एक सीन बना विवाद का कारण
साल 2007 में रिलीज़ हुई शाहरुख खान की फिल्म ओम शांति ओम ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया था। फिल्म में 70-80 के दशक के कई सुपरस्टार्स को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया गया था। इसी सिलसिले में एक दृश्य में शाहरुख ने मनोज कुमार की नकल करते हुए एक प्रीमियर में एंट्री ली। इस दौरान पुलिस उन्हें पहचान नहीं पाती और मारपीट कर देती है। यह सीन हंसी के लिए बनाया गया था, लेकिन मनोज कुमार को यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। उन्हें लगा कि यह मजाक उनकी प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ है।
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100 करोड़ की मानहानि का केस
यह दृश्य देखकर मनोज कुमार इतने आहत हुए कि उन्होंने शाहरुख खान और निर्देशक फराह खान के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 100 करोड़ रुपये की मानहानि का केस दर्ज कराते हुए कहा कि यह उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला मामला है और वे इसे कभी नजरअंदाज नहीं कर सकते।
शाहरुख और फराह ने मांगी माफी
जब मामला सुर्खियों में आया और विवाद बढ़ा, तो शाहरुख खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “हमें पहले ही मनोज जी से बात कर लेनी चाहिए थी। अगर उन्हें बुरा लगा है तो मैं ईमानदारी से माफी चाहता हूं।” फराह खान ने भी अपनी गलती मानी और माफीनामा जारी किया। इसके बाद भारत में रिलीज की गई फिल्म से वह सीन हटा दिया गया।
जापान में बिना बदलाव फिल्म रिलीज, फिर उठी नाराज़गी
हालांकि भारत में विवाद थम गया था, लेकिन जब ओम शांति ओम जापान में उसी विवादित सीन के साथ रिलीज़ हुई, तो मनोज कुमार दोबारा नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि वह सीन सभी संस्करणों से हटाया जाए, लेकिन इस निर्देश की अनदेखी की गई, जो न केवल उनके लिए अपमानजनक था, बल्कि यह कोर्ट की अवमानना भी थी।
‘भारत कुमार’ की नाराजगी से मिली बॉलीवुड को सीख
हालांकि बाद में मनोज कुमार ने मामला वापस ले लिया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि इस घटना ने उन्हें गहराई से आहत किया। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों को खासकर फिल्म बनाने वालों को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे जिन दिग्गजों की छवि को पर्दे पर उतारते हैं, उनका सम्मान बना रहे। यह विवाद आने वाले फिल्मकारों के लिए एक सबक भी बन गया कि मनोरंजन के नाम पर किसी की गरिमा के साथ खिलवाड़ न किया जाए।