Rajasthan Mystery Illness: राजस्थान के सलूम्बर जिले में एक अनजान बीमारी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। लसाड़िया क्षेत्र में महज पांच दिनों के भीतर 6 मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शुरुआती जांच में डॉक्टर इसे दिमागी बुखार या वायरल इन्सेफलाइटिस मान रहे हैं। प्रभावित गांवों में अब तक 650 से ज्यादा बीमार लोग मिल चुके हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के सख्त आदेश दिए हैं।
मेडिकल टीमों की भाग-दौड़ के पीछे क्या है बड़ी वजह?
हालात को काबू में करने के लिए उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञों की एक खास टीम भेजी गई है। इसके साथ ही जयपुर से भी स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कोई पुरानी बीमारी है या किसी नए इन्फेक्शन ने दस्तक दी है।
- मरने वाले बच्चों की आयु मात्र 2 से 4 साल के बीच थी।
- 5 दिनों के भीतर 6 बच्चों की जान चली गई।
- 652 मरीजों की पहचान कर उनका इलाज शुरू किया गया है।
- गंभीर मरीजों को तुरंत बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था की गई है।
क्या होता है इन्सेफलाइटिस और यह कितना घातक है?
विशेषज्ञों के अनुसार इन्सेफलाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान के दिमाग में सूजन आ जाती है। यह अक्सर किसी वायरस या बैक्टीरिया के हमले की वजह से होता है। कई बार मच्छर के काटने या खराब वातावरण से भी इसके कीटाणु शरीर में फैल जाते हैं। अगर वक्त पर इलाज न मिले, तो यह बीमारी जानलेवा साबित होती है। जो लोग इससे बच जाते हैं, उन्हें आगे चलकर सुनने में दिक्कत या दौरे पड़ने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
मासूम बच्चे ही इस बीमारी का आसान शिकार क्यों बन रहे?
इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को ही होता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी बड़ों के मुकाबले कमजोर होती है। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हैं:
- तेज बुखार और सिर में असहयोग दर्द होना।
- शरीर में बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस करना।
- मांसपेशियों में खिंचाव और बदन दर्द की शिकायत।
- गंभीर स्थिति में बेहोशी या झटके आना।
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