KhatuShyamji Development: जयपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने खाटूश्यामजी के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था। 26 अक्टूबर को खाटू में दर्शन के बाद उन्होंने अधिकारियों और श्रीश्याम मंदिर कमेटी के सदस्यों से इस संबंध में सलाह ली। जयपुर के पर्यटन भवन में आयोजित इस बैठक में खाटूश्यामजी को स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत विकसित करने पर जोर दिया गया। सरकार की प्राथमिकता है कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को सुविधाएं मिलें, साथ ही श्रद्धालुओं का अनुभव भी सुखद बने।
विकास की योजना पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सुझाव दिए कि खाटूश्यामजी के विकास के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाए जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और व्यापार मंडल के सदस्य शामिल हों। केंद्र सरकार ने खाटूश्यामजी के विकास के लिए 88 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जिसका उपयोग पार्किंग सुविधा, ई-रिक्शा, और मंदिर तक जाने वाले मार्गों के विकास में किया जाएगा। इस बजट से खाने-पीने के कियोस्क की व्यवस्था को भी सुधारा जाएगा। दांतारामगढ़ एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया कि वर्तमान में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई, और डिप्टी सीएम ने प्रदेश बजट से भी अतिरिक्त धनराशि जारी करने की संभावना जताई।
जनप्रतिनिधियों की मांगे और सुझाव
बैठक में खाटूश्यामजी के जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के लिए रिंग रोड बनाने और दर्शन के लिए सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इसके अलावा मल्टी स्टोरी पार्किंग और अलग-अलग एंट्री-एग्जिट पॉइंट की भी मांग की गई। श्री श्याम मंदिर कमेटी के प्रताप सिंह चौहान ने सुझाव दिया कि मंदिर के बाहर भीड़ प्रबंधन के लिए एग्जिट पॉइंट को चौड़ा किया जाए। इस बैठक में भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, विधानसभा प्रत्याशी गजानंद कुमावत समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
आगे की राह और सरकार की प्रतिबद्धता
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने साफ किया कि खाटूश्यामजी के विकास को लेकर सरकार गंभीर है और केंद्र सरकार के बजट के अलावा राज्य के आगामी बजट में भी आवश्यक धनराशि प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के दर्शन का मौका मिले और स्थानीय व्यापारियों को भी इससे लाभ हो। इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल करने का आश्वासन दिया गया है।




