Mittal Hospital Suspend Sikar News:राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना (RGHS) में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए सीकर के ‘एस.बी. मित्तल अस्पताल’ को योजना के तहत निलंबित कर दिया है। अस्पताल पर आरोप है कि उसने एक ऐसी महिला डॉक्टर के नाम पर 300 से ज्यादा फर्जी क्लेम प्रस्तुत किए, जो महीनों पहले ही अस्पताल से नौकरी छोड़ चुकी थीं।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
जांच में यह बात सामने आई कि अस्पताल में काम करने वालीं डॉक्टर अलका आर्य अप्रैल महीने में ही अपनी नौकरी से इस्तीफा दे चुकी थीं। इसके बावजूद, अस्पताल प्रबंधन ने जून महीने में उनके नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करते हुए 315 मरीजों के इलाज के फर्जी बिल और क्लेम आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड कर दिए। इस धोखाधड़ी को पकड़ने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिसिस तकनीक ने बड़ी भूमिका निभाई, जिससे इस अनियमितता का पता चला।
नोटिस का जवाब नहीं, तो हुई कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद, आरजीएचएस प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर जवाब मांगा। लेकिन अस्पताल की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अस्पताल को आरजीएचएस पैनल से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया। इस निलंबन के बाद अब आरजीएचएस के लाभार्थी इस अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
सरकार का सख्त रुख, ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
इस मामले पर प्रमुख शासन सचिव (वित्त) गायत्री राठौड़ ने कहा कि सरकार फर्जीवाड़े पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा, “हम आरजीएचएस योजना में किसी भी तरह की धांधली को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर ऐसी अनियमितताओं को पकड़ा जा रहा है।” उन्होंने साफ किया कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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