Rajasthan Weather:
राजस्थान में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक पलटा खाया है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच, 28 मार्च से सक्रिय हुए एक पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे राज्य का मौसम बदल दिया है। अगले कुछ दिनों तक यहां आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में मौसम इसी तरह बदलता रहेगा। इससे फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।
पिछले शनिवार को बीकानेर, सीकर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाए रहे थे। इन क्षेत्रों के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई। हालांकि, जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में आसमान साफ बना रहा। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से बना यह मौसमी तंत्र 1 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा। इससे रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का दौर लगातार जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए क्या चेतावनी दी है?
जयपुर मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य के कई संभागों में विशेष चेतावनी जारी की है। इसमें ‘येलो अलर्ट’ भी शामिल है।
- 29 से 31 मार्च तक जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में मध्यम बारिश हो सकती है। इस अवधि में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है।
- 30 मार्च को पूरे राजस्थान के लिए बारिश और आंधी का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- 31 मार्च को जोधपुर, पाली, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और बूंदी सहित कई जिलों में मौसम बिगड़ने की संभावना है।
जयपुर मौसम केंद्र के राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 1 अप्रैल तक कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। उनके अनुसार, प्रदेश के मौसम में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता क्यों बढ़ी है?
मौसम में आए इस अप्रत्याशित बदलाव ने किसानों की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलों पर तेज आंधी और ओलावृष्टि का बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने सभी किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी तैयार फसल और उपज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
क्या अप्रैल में भी नहीं सताएगी गर्मी?
राहत की खबर यह है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में भी नए मौसमी तंत्र सक्रिय हो सकते हैं। इन तंत्रों के कारण तापमान सामान्य या उससे नीचे रहने की संभावना है। इससे प्रदेशवासियों को फिलहाल लू और अत्यधिक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।




