G20 Youth Summit 2025: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 18 से 22 अगस्त तक आयोजित जी20 यूथ समिट (Y20 शिखर सम्मेलन) में राजस्थान के सीकर जिले से जुड़े डॉ. शिवम अग्रवाल ने भारत की ओर से आधिकारिक युवा प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मोदी के विज़न की सराहना
डॉ. अग्रवाल ने क्लाइमेट चेंज और एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरणीय सोच और विज़न की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ने 2030 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है और अब देश का लक्ष्य 2070 तक नेट-ज़ीरो तक पहुँचना है।
भारत की ओर से रखे गए मुख्य प्रस्ताव
समिट में भारत की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें प्रमुख रूप से –
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सभी सेक्टरों का डीकार्बोनाइजेशन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाना
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हाइड्रोजन एनर्जी को मानकीकृत कर वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना
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सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक और इसके विकल्पों का विस्तार
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लिथियम बैटरी रीसाइक्लिंग और डायरेक्ट लिथियम एक्सट्रैक्शन (DLE) को प्रोत्साहित करना शामिल था।
जर्मनी के प्रस्ताव का समर्थन
डॉ. अग्रवाल ने जर्मनी द्वारा पेश किए गए “संस्कृति हानि को आपदा हानि में मान्यता” वाले विचार का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने “समान किंतु विभेदित दायित्व (CBDR)” सिद्धांत पर भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
राजस्थान का ग्रीन बजट बना उदाहरण
अपने संबोधन में उन्होंने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पेश किए गए ग्रीन इकोनॉमी बजट का भी जिक्र किया और कहा कि यह राज्य की पर्यावरणीय जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण है।

रिपोर्ट सौंपने पहुंचे दिल्ली
दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद डॉ. शिवम अग्रवाल ने दिल्ली में केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर समिट की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना
भारत के इन प्रस्तावों को अंतरराष्ट्रीय युवा प्रतिनिधियों से व्यापक सराहना मिली। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत सरकार की पर्यावरणीय नीतियों की वजह से संभव हो पाया है।




