TV Rating Policy 2026: टीवी चैनलों की टीआरपी रिपोर्ट में हुआ बड़ा बदलाव, सरकार ने जारी किए नए नियम

TV Rating Policy 2026: सरकार ने टीवी रेटिंग को लेकर नई गाइडलाइंस लागू कर दी हैं, अब लैंडिंग पेज के व्यूज टीआरपी में नहीं जुड़ेंगे और एजेंसियों पर निगरानी सख्त होगी।

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Rajasthan Desk - News
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TV Rating Policy 2026: भारत सरकार ने टेलीविजन रेटिंग सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए नए सख्त कदम उठाए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने साल 2014 के पुराने नियमों को बदलते हुए अब नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसका मुख्य लक्ष्य चैनलों की लोकप्रियता मापने के तरीके को निष्पक्ष और सटीक बनाना है। नए नियमों के लागू होने से दर्शकों और विज्ञापनदाताओं को असल आंकड़े मिल सकेंगे।

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रेटिंग एजेंसी शुरू करने के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

सरकार ने नई कंपनियों को रेटिंग के कारोबार में बढ़ावा देने के लिए आर्थिक शर्तों में भारी कटौती की है। इसके पीछे सोच यह है कि मार्केट में अधिक एजेंसियां होंगी तो प्रतियोगिता बढ़ेगी और पारदर्शिता आएगी।

  • अब रेटिंग एजेंसी खोलने के लिए सिर्फ 5 करोड़ रुपये की नेट वर्थ होना जरूरी है, जो पहले 20 करोड़ रुपये थी।
  • एजेंसी के बोर्ड में आधे सदस्य बाहरी और स्वतंत्र होने चाहिए ताकि पक्षपात की कोई जगह न रहे।
  • इन स्वतंत्र निदेशकों का किसी भी मीडिया या एडवर्टाइजिंग कंपनी से कोई सीधा संबंध नहीं होना चाहिए।

लैंडिंग पेज और डेटा जुटाने पर क्या नया निर्देश आया है?

चैनलों की व्यूअरशिप मापने के पुराने और विवादास्पद तरीकों पर अब सरकार ने लगाम लगा दी है। अब केवल उन्हीं दर्शकों को गिना जाएगा जो जानबूझकर चैनल देख रहे हैं, न कि उन्हें जो मजबूरी में पहला पेज देख रहे हैं।

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  • टीवी शुरू करते ही दिखने वाले ‘लैंडिंग पेज’ के व्यूज अब रेटिंग का हिस्सा नहीं बनेंगे।
  • डाटा की शुद्धता के लिए मीटर वाले घरों की संख्या 80 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख तक की जाएगी।
  • रेटिंग के दायरे में अब केवल केबल या डीटीएच ही नहीं, बल्कि स्मार्ट टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म भी शामिल होंगे।
  • डेटा सुरक्षा के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून का पालन करना अनिवार्य होगा।

शिकायत होने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान क्या है?

अगर किसी रेटिंग एजेंसी के काम करने के तरीके या डेटा में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह बनाना चाहती है।

  • रेटिंग से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत का निपटारा अब 10 दिनों के भीतर करना होगा।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर एजेंसियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
  • बार-बार गलती दोहराने वाली कंपनियों का लाइसेंस पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।
  • सभी एजेंसियों को अपना वर्किंग मॉडल और डेटा रिकॉर्ड सार्वजनिक वेबसाइट पर साझा करना होगा।

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