Maha Shivratri Celebrations: आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह महोत्सव होता है। मान्यता है कि इस रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और चार प्रहरों में विशेष पूजा का आयोजन होता है।
शिवभक्तों में उत्साह, मंदिरों में गूंजे जयकारे
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। भक्तगण भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लीन हैं और मंदिरों में हर तरफ ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। शिवभक्तों का कहना है कि इस दिन की पूजा विशेष फलदायी होती है।
प्रहर पूजन के विशेष मुहूर्त घोषित
शिवरात्रि पर चार प्रहरों में पूजा का विशेष महत्व है। आज शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक पहला प्रहर पूजन होगा। दूसरा प्रहर रात 9:23 से अगले दिन आधी रात 12:35 बजे तक चलेगा। तीसरा और चौथा प्रहर सुबह 3:47 बजे तक समाप्त होंगे। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव की आराधना से भक्तों को परम लाभ मिलता है।
शुभ योगों का संयोग, बना महाशुभ दिन
महाशिवरात्रि पर इस वर्ष कई शुभ योग बन रहे हैं। व्यतिपात योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का इस दिन विशेष प्रभाव है। इसके अलावा, प्रीति, आयुष्मान और सौभाग्य जैसे योग भी उपस्थित हैं, जो इस दिन की पवित्रता को और बढ़ाते हैं।
कथा से मिलती है भक्ति की प्रेरणा
इस दिन शिवपुराण की कथा सुनने का भी विशेष महत्व है। गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि कैसे एक शिकारी अनजाने में ही शिव की पूजा कर गया और उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। यह कथा भक्तों को यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से किया गया छोटा सा कार्य भी शिव को प्रिय होता है।
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