Rama Ekadashi 2024: कब है रमा एकादशी 2024 व्रत, जानें शुभ-मुहूर्त, योग और पूजा विधि

Rama Ekadashi 2024: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। रमा एकादशी भगवान विष्णु की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करते हैं, जिससे जीवन में सुख, सौभाग्य, और धन की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस साल रमा एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और योग।

Bharti Sharma
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Bharti Sharma - Sub Editor
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Rama Ekadashi 2024: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। रमा एकादशी भगवान विष्णु की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करते हैं, जिससे जीवन में सुख, सौभाग्य, और धन की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस साल रमा एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और योग।

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रमा एकादशी का महत्व

रमा एकादशी, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही, यह दिन विशेष रूप से लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने के लिए आदर्श माना जाता है।

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रमा एकादशी 2024 तिथि और समय

इस वर्ष रमा एकादशी व्रत 27 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी।
एकादशी तिथि प्रारंभ: 27 अक्टूबर को सुबह 5:23 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 28 अक्टूबर को सुबह 7:50 बजे
पारण का समय: 29 अक्टूबर को सुबह 6:31 बजे से 10:31 बजे के बीच

रमा एकादशी पर विशेष योग

इस वर्ष रमा एकादशी पर कई शुभ योग बन रहे हैं जो इस दिन को और भी विशेष बनाते हैं।
इन्द्र योग: इस योग का समापन 29 अक्टूबर को सुबह 7:48 बजे होगा।

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नक्षत्र संयोग: पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग भी 29 अक्टूबर को दोपहर 3:24 बजे तक रहेगा।

करण योग: बालव, कौलव और तैतिल करण के योग भी इस दिन बनेंगे।
इन योगों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होते हैं।

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रमा एकादशी पूजा विधि

रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विधिपूर्वक करें। भगवान को पीले वस्त्र अर्पित करें और मां लक्ष्मी को लाल वस्त्रों से सजाएं। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु मंत्रों का जाप करें। इस दिन दीपदान और भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है।

पंचांग के अनुसार महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय: सुबह 6:30 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:39 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:39 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:56 बजे से 2:41 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:39 बजे से 6:05 बजे तक

रमा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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भारती शर्मा पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। अपने कार्य क्षेत्र रहते हुए उन्होंने धर्म-कर्म, पंचांग, ज्योतिष, राशिफल, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा व समुद्र शास्त्र जैसे विषयों पर लेखन किया हैं। इसके अलावा उनको लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव हैं। फिलहाल भारती शर्मा 89.6 एफएम सीकर में आरजे की पद संभालते हुए सीकर अपडेट शो का संचालन करती हैं और बतौर ज्योतिष शास्त्र लेखन कर रही हैं।
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