Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना की खबर से पूरे राज्य में दुख और सन्नाटा छा गया है। यह हादसा मंगलवार को हुआ, जब उनका चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की जान चली गई। इस घटना से महाराष्ट्र में शोक का माहौल है। सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है।
अंतिम संस्कार की तैयारी
अजित पवार के पार्थिव शरीर को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गहरा शोक है। आज सुबह उनके शव पर तिरंगा लपेटा गया, और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। इस दौरान परिवार, पार्टी नेता और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
विमान हादसे की दर्दनाक कहानी
अधिकारियों का कहना है कि लैंडिंग के समय विमान के पायलट को रनवे स्पष्ट नहीं दिखा। उन्होंने विमान को फिर से हवा में उठाने की कोशिश की, लेकिन विमान क्रैश हो गया और उसमें आग लग गई। हादसे के कारणों की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रही है।
शोक में डूबा महाराष्ट्र, नेताओं की प्रतिक्रिया
अजित पवार के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारामती पहुंचने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और मनीषा ठाकरे जैसे दिग्गज नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, “हमने एक सितारा खो दिया है। इस क्षति को भरना असंभव है।”
जांच में जुटी एजेंसियां, हादसे के कारणों पर सवाल
हादसे की जांच के लिए दिल्ली से AAIB की टीम बारामती पहुंची है। विमान ऑपरेटर कंपनी VSR वेंचर्स का कहना है कि पायलट अनुभवी थे और विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं थी। बावजूद इसके, हादसा कैसे हुआ, इस पर गहन जांच की जा रही है। लोगों का कहना है कि बारामती एयरफील्ड पर ATC की कमी के कारण अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं।
इस योजना के तहत पवार का पार्थिव शरीर पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर मेडिकल कॉलेज से विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया है, जहां उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। राज्य की जनता और उनके समर्थक इस दुखद घटना से बेहद आहत हैं।




