Rajasthan Weather Update: राजस्थान में इस समय पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार 26 दिसंबर से शुरू हुआ यह विक्षोभ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ठंड का कारण बन चुका है। सीकर, जयपुर, अजमेर सहित कई जिलों में देर रात से बारिश का दौर जारी है, जिससे ठंड का प्रकोप भी तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में सीकर समेत प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे सर्दी का असर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, 26 दिसंबर को एक्टिव हुए इस मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम में अचानक बदलाव आया है। गुरुवार से ही कई जिलों में बारिश शुरू हो गई, जिनमें जयपुर, अजमेर, नागौर, सीकर और आसपास के इलाके शामिल हैं। देर रात को इन जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसके कारण हवाओं में ठंडक बढ़ गई और सर्दी का प्रकोप भी बढ़ने लगा।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने 27 दिसंबर, शुक्रवार को प्रदेश के 17 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इनमें जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, सीकर, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, पाली, राजसमंद, चूरू, और झुंझुनूं जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवाएं भी चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।
इस दौरान, इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे सर्दी का असर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि इस विक्षोभ का असर तीन दिन तक रहने की संभावना है, यानी 27 से लेकर 29 दिसंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट की भी संभावना है, जिससे सर्दी के हालात और भी सख्त हो सकते हैं।
नए साल में भी सर्दी जारी रहने की संभावना
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले तीन दिनों तक रहने की संभावना है। उन्होंने कहा, “इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तापमान में गिरावट आएगी। नए साल के पहले सप्ताह में भी कड़ाके की सर्दी जारी रहने की संभावना है।”
कोहरे के साथ बारिश का प्रभाव
अगले कुछ दिनों में, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में कोहरे का असर भी देखा जा सकता है। पिछले चार-पाँच दिन से प्रदेश में कोहरे का प्रभाव है, और अब बारिश के साथ यह और बढ़ने वाला है। कोहरे और बारिश का मिलाजुला असर सर्दी को और तीव्र बना देगा, जिससे आम जनता को ठंड से राहत मिलना मुश्किल हो सकता है।




