Dhanteras 2025: धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी से बढ़ेगी समृद्धि, जानें पूजा का विशेष समय

Dhanteras 2025 Date: आज से दिवाली के त्योहार की शुरुआत हो रही है, जब पूरे देश में धनतेरस का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन लोग कुबेर देवता और माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं। यह दिन खरीदारी के लिए भी विशेष माना जाता है। जानें शुभ मुहूर्त और खरीदारी के समय।

Naveen Parmuwal
Written by:
Naveen Parmuwal - Senior Sub Editor
3 Min Read

Dhanteras 2025: आज से दिवाली के त्योहार की शुरुआत हो रही है, जब पूरे देश में धनतेरस का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। धनतेरस के दिन लोग कुबेर देवता और माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी प्रकट हुई थीं और समृद्धि लेकर आई थीं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा जाता है, वह पूरे वर्ष फलदायी होता है। इसलिए इस दिन सोना-चांदी, वाहन आदि की खरीदारी की जाती है। आइए जानते हैं इस खास दिन के शुभ मुहूर्त और खरीदारी के समय के बारे में।

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खरीदारी के शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर खरीदारी के लिए कई शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा मुहूर्त 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक और तीसरा मुहूर्त शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक रहेगा। वहीं, चौघड़िया मुहूर्त में सुबह 7:49 बजे से 9:15 बजे तक शुभ काल, दोपहर 1:32 बजे से 2:57 बजे तक लाभ उन्नति, दोपहर 2:57 बजे से शाम 4:23 बजे तक अमृत काल, और दोपहर 12:06 बजे से 1:32 बजे तक चर काल रहेगा।

पूजा का विशेष समय

धनतेरस के दिन पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन माँ लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसी के साथ सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर यम दीपक जलाने का भी विशेष समय है, जो शाम 5:48 बजे से 7:04 बजे तक रहेगा।

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क्या खरीदें और क्यों?

धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य धातुओं की खरीदारी को अत्यधिक शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुएँ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। सोना-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदने से लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है, जबकि तांबे और पीतल के बर्तन खरीदना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, नई झाड़ू लाने से घर की नकारात्मक शक्तियाँ दूर हो जाती हैं।

धनतेरस का महत्व

धनतेरस केवल खरीदारी के लिए नहीं, बल्कि भगवान धन्वंतरि के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वे समुद्र मंथन में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और मानवता को स्वास्थ्य का वरदान दिया था। इस दिन लोग भगवान धन्वंतरि से अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं और माँ लक्ष्मी से आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। धनतेरस का पर्व इस प्रकार दिवाली के उल्लास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

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नवीन पारमुवाल एक युवा डिजिटल पत्रकार और अनुभवी कंटेंट विशेषज्ञ हैं। राजस्थान के सीकर से ताल्लुक रखने वाले नवीन ने पिछले 6 सालों में डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में काम किया है। उन्होंने राजस्थान के नंबर वन अखबार राजस्थान पत्रिका से अपने करियर की शुरुआत की। जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने लोकल मुद्दों, घटनाओं और समाज से जुड़ी खबरों को नजदीक से देखा और पाठकों तक पहुंचाया।बाद में पत्रिका.कॉम के साथ डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए नवीन ने प्रदेश, राजनीति, व्यापार, तकनीक, मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय खबरों जैसे अहम मोर्चों को संभाला। उन्होंने ईटीवी भारत और वनइंडिया हिंदी जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए न्यूज एडिटिंग, कंटेंट मैनेजमेंट और होमपेज ऑपरेशंस में अपनी गहरी पकड़ बनाई।तेज और सटीक रिपोर्टिंग के साथ-साथ SEO ऑप्टिमाइजशन और ऑडियंस एंगेजमेंट में उनकी दक्षता ने उन्हें डिजिटल मीडिया में अलग पहचान दिलाई।पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें पंडित झाबरमल शर्मा पत्रकारिता पुरस्कार (डिजिटल) और गोल्डन अवॉर्ड- पत्रिका.कॉम प्रमुख हैं।
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