Rajasthan Gold News: राजस्थान की अरावली पहाड़ियों में सोना मिलने की खबर से काफी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि अगर यहां सोने का उत्पादन शुरू होता है, तो इसकी कीमतों और मांग पर असर पड़ सकता है।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक बार फिर सोने की बड़ी खोज हुई है। घाटोल तहसील के कंकरिया गांव में तीसरी प्रमुख सोने की खान की पुष्टि हुई है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रिपोर्ट के अनुसार, यहां करीब 940 हेक्टेयर (लगभग 9.4 वर्ग किलोमीटर) क्षेत्र में 113.52 मिलियन टन (यानी 11 करोड़ टन से ज्यादा) सोने का अयस्क होने का अनुमान है।
इसमें से शुद्ध सोना की मात्रा 222.39 टन तक बताई जा रही है। यह राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी सोने की खोजों में से एक है. देश में सोने का उत्पादन अभी कम है, इसलिए यह खबर निवेश के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
सोने की खोज से बढ़ी उम्मीदें
राजस्थान की धरती के नीचे सोने का बड़ा भंडार छुपा होने का अनुमान है, जिसकी कीमत लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यहां सोना अन्य खनिजों जैसे तांबा, निकेल और कोबाल्ट के साथ पाया जाता है। इस खोज से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कानूनी अड़चन से रुकी प्रक्रिया
राज्य सरकार ने हाल ही में सोने की खुदाई के लिए दो ब्लॉकों की ई-नीलामी की योजना बनाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते इस प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है। अरावली क्षेत्र के खनन पर लगी रोक ने परियोजना को ठप कर दिया है। अब राज्य का खनन विभाग कानूनी सलाह की प्रतीक्षा कर रहा है।
विवादों से घिरा रहा है प्रदेश
राजस्थान में सोने की खदानों को लेकर पहले भी कानूनी विवाद होते रहे हैं। बांसवाड़ा जिले की घाटोल तहसील में खदान की नीलामी इसी कारण से रद्द हो गई थी। अब देखना यह है कि सरकार इस दिशा में कैसे आगे बढ़ेगी।
कर्नाटक की अग्रणी स्थिति
भारत में सोने के उत्पादन में कर्नाटक का योगदान सबसे अधिक है, जहां से देश का लगभग 90% सोना निकाला जाता है। वहीं राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में भी सोने के खजाने मौजूद हैं, लेकिन इन्हें अभी तक पूर्ण रूप से उपयोग में नहीं लाया जा सका है। राजस्थान में सोने की संभावनाओं को देखते हुए इस पर तेजी से कदम उठाना जरूरी है, ताकि इस कीमती संसाधन से राज्य और देश दोनों को लाभ मिल सके।




