Deepfake AI Technology: डीपफेक टेक्नोलॉजी क्या है? कैसे लोग इसके शिकार होते हैं? इससे खुद को कैसे बचाएं?

Rupali kumawat
Written by:
Rupali kumawat - Sub Editor
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Deepfake AI Technology: आपने भी इन दिनों डीपफेक वीडियो का नाम सोशल मीडिया पर सुना होगा। डीपफेक टेक्नोलॉजी एआई पर काम करती है। जिसमें सबकुछ असली लगता है, लेकिन होता सबकुछ नकली है। यह इसलिए भी खतरनाक है कि हम गौर करके भी इंसान के असली या नकली होने की पहचान नहीं कर सकते। यह सबसे ज्यादा उन लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है, जो सोशल मीडिया का बेतहाशा इस्तेमाल करते हैं। जो अपने निजी जीवन की पल पल की अपडेट सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। वह इस टेक्नोलॉजी का शिकार हो सकते हैं।

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क्या है डीपफेक टेक्नोलॉजी? (What is Deepfake Technology in Hindi)

डीपफेक एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिससे रियल वीडियो में दूसरे व्यक्ति के चेहरे को फिट कर फेक वीडियो बनाया जाता है और जो रियल ही लगता है। इसे तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की मदद ली जाती है और इसे डीप लर्निंग भी कहा जाता है।

कौन-कौन हो चुके हैं इसके शिकार?

अब तक कई बड़े सेलिब्रिटी डीपफेक वीडियो का शिकार हो चुके हैं। जिसमें अभिनेत्री रश्मिका मंदाना से लेकर प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, अक्षय कुमार समेत तमाम बड़ी हस्तियां हाल में डीपफेक वीडियो का शिकार हुई हैं। हालांकि, इसके बाद बड़े दिग्गजों ने इस पर चिंता जताई। जिसके बाद केंद्र सरकार ने भी डीपफेक फोटो-वीडियो से निपटने के लिए गंभीरता दिखाई है।

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सरकार ने चेताया

डीपफेक से निपटने के लिए सरकार ने 24 नवंबर को गूगल, फेसबुक, यूट्यूब समेत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि डीपफेक होने की शिकायत पर कंटेंट को 36 घंटे में नहीं हटाया जाता है तो उस सोशल साइट पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आप भी हो सकते हैं डीपफेक टेक्नोलॉजी का शिकार, ऐसे करें बचाव (How to protect yourself against deepfakes)

डीपफेक से केवल सेलिब्रेटी ही नहीं, बल्कि आप भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में इससे बचाव करना बेहद जरूरी है।

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  • सोशल मीडिया पर जितने भी अकाउंट हैं, उनकी प्राइवेसी सेटिंग्स को स्टडी करें।
  • सुनिश्चित कर लें कि किन किन को आप फोटो, विडियो या कंटेंट दिखाना चाहते हैं वैसी ही सेटिंग आप करें।
  • हर इवेंट की फोटो या परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचें। क्योंकि, डीपफेक में सोशल मीडिया से ही फोटो या वीडियो निकालकर उसे एडिट किया जाता है। ऐसे में घर परिवार की सुरक्षा के लिए सबकुछ सोशल ना करें।
  • सावधानी से सोशल मीडिया यूज करें।

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रुपाली कुमावत पिछले कई वर्षों से लेखन क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको हिंदी कविताएं, कहानियां लिखने के अलावा ब्रेकिंग, लेटेस्ट व ट्रेंडिंग न्यूज स्टोरी कवर करने में रुचि हैं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से BADM में M.Com किया हैं एवं पंडित दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी से family law में LL.M किया हैं। रुपाली कुमावत के लेख Focus her life, (राजस्थान पत्रिका), सीकर पत्रिका, https://foucs24news.com, खबर लाइव पटना जैसे मीडिया संस्थानों में छप चुके हैं। फिलहाल रुपाली कुमावत 89.6 एफएम सीकर में बतौर न्यूज कंटेंट राइटर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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