Panipuri GST Notice: ‘कोई धंधा नहीं छोटा’, गोलगप्पे बेचकर शख्स कमा रहा 40 लाख रुपये, जीएसटी विभाग ने ठेले वाले को भेजा नोटिस

Panipuri GST Notice: तमिलनाडु के पानीपुरी विक्रेता को GST विभाग से 40 लाख रुपये का नोटिस मिला है। जानिए इस मामले के बारे में, कैसे एक साधारण स्ट्रीट फूड विक्रेता ने इतनी बड़ी रकम कमाई।

FM Sikar
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Panipuri GST Notice: धंधा कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, बस आपके पास कमाने की कला होनी चाहिए। अगर आप हाथ के कारीगर हैं तो जहां चाहे आप कमा सकते हैं। अब देखिए, कोई सोच भी सकता है कि गोलगप्पे बेचकर क्या कोई इतना कमा सकता है कि उसे जीएसटी विभाग वाले नोटिस भेज दे, वो भी 40 लाख रुपये का? अब मानो या ना मानो, लेकिन एक पानीपुरी वाले ने तो ऐसा कर दिखाया है।

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तमिलनाडु में एक पानीपुरी विक्रेता को GST विभाग ने 40 लाख रुपये का नोटिस दिया है। यह मामला डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड्स के आधार पर सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि पानीपुरी विक्रेता ने वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान कुल 40,11,019 रुपये ऑनलाइन भुगतान के रूप में प्राप्त किए थे, यानी कि उसने सालभर में गोलगप्पे बेचकर 40 लाख रुपये कमा लिए। हालांकि, नोटिस सही है या नहीं, अब तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन, सोशल मीडिया पर अब इस पर बहस जरूर छिड़ गई है कि क्या एक साधारण पानीपुरी विक्रेता इतनी बड़ी रकम कैसे कमा सकता है।

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GST नोटिस का कारण

GST विभाग ने यह नोटिस ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे PhonePe और Razorpay से प्राप्त डेटा के आधार पर भेजा है। इन प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड्स में यह जानकारी मिली कि विक्रेता ने तीन सालों में मिलाकर 40 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन किया। भारत में GST के नियमों के मुताबिक, यदि किसी व्यापारी का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये से अधिक होता है, तो उसे GST के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। कुछ खास परिस्थितियों में यह सीमा 40 लाख रुपये तक भी हो सकती है।

इस मामले में, पानीपुरी विक्रेता ने इस रकम को बिना GST पंजीकरण के कमाया, जो कर चोरी के आरोप की ओर इशारा करता है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि पानीपुरी विक्रेता अगर अपने बिलों में GST जोड़ता, तो उसे सरकारी कर का भुगतान करना पड़ता, लेकिन इस तरह वह अपने प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला नहीं कर पाता।

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सोशल मीडिया पर बहस

इस घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस को जन्म दिया है। कई लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि एक पानीपुरी विक्रेता कैसे इतनी बड़ी रकम कमा सकता है। मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. धीरज के. ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह राशि कई मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसरों के वेतन से भी अधिक है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इस नोटिस को फर्जी भी बताया है, और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए बनाए जाने की संभावना जताई है।

क्या पानीपुरी का कारोबार इतना मुनाफे का है?

यह सवाल वाजिब है कि क्या पानीपुरी जैसा छोटा सा स्ट्रीट फूड कारोबार इतना मुनाफा दे सकता है। दरअसल, भारत में स्ट्रीट फूड का कारोबार काफी बड़ा है और इसमें मुनाफा भी अच्छा है। अगर कोई विक्रेता अपने कारोबार को सही तरीके से मैनेज करे, तो वह सालों भर में लाखों रुपये तक कमा सकता है। पानीपुरी और अन्य स्ट्रीट फूड के व्यवसाय में अच्छा मुनाफा होने की वजह से, यह कारोबार कई छोटे व्यापारियों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन गया है।

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